नयी दिल्ली , फरवरी 01 -- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2026-25 के बजट में सूचना प्रौद्योगिकी और उस पर आधारित सेवाओं के क्षेत्र को भारत की वृद्धि का एक प्रमुख इंजन बताते हुए इस क्षेत्र की सेवाओं के कारोबार पर सेफ हार्बर की छूट प्राप्त करने के लिए विदेशी कारोबार की सीमा को 300 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2,000 करोड़ रुपये कर दिया है।

श्रीमती सीतारमण ने रविवार को लोकसभा अपने भाषण में कहा, "भारत सॉफ्टवेयर विकास सेवाओं, आईटी समर्पित सेवाओं, ज्ञान प्रक्रिया आउटसोर्सिंग सेवाओं और सॉफ्टवेयर विकास से जुड़े अनुबंध पर किये जाने वाले अनुसंधान और विकास सेवाओं (केपीओ) के क्षेत्र में दुनिया में अग्रणी है। ये व्यवसाय क्षेत्र एक-दूसरे से अभिन्न रूप से जुड़े हुए हैं।" उन्होंने इन सभी सेवाओं पर 15.5 प्रतिशत के एक समान सेफ हार्बर मार्जिन (विवाद-मुक्त लाभ की दर) रखने का प्रस्ताव किया।

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ये सभी सेवाएं सूचना प्रौद्योगिकी सेवाओं की एकल श्रेणी में सम्मिलित की जा रही हैं। आईटी सेवाओं के लिए अग्रिम कर निर्णय के तहत सेफ हार्बर की सुविधा के लिए विदेशी कारोबार की सीमा 2,000 करोड़ रुपये कर दी गयी है। अब तक यह सीमा 300 करोड़ रुपये थी। कंपनियां कर अधिकारियों के साथ एक बार हुई सहमति के आधार पर सेफ हार्बर की सुविधा पांच साल तक ले सकेंगी।

बजट में आईटी उद्योग संबंधी इस महत्वपूर्ण घोषाणाओं के बाद गिरावट से त्रस्त शेयर बाजारों में केवल इस क्षेत्र के सूचकांक बढ़त में रहे। बीएसई आईटी सूचकांक 0.66 प्रतिशत चढ़ गया। सेंसेक्स में शामिल टीसीएस का शेयर करीब दो प्रतिशत और इंफोसिस का एक प्रतिशत से अधिक चढ़ गया। हालांकि टेक महिंद्रा और एचसीएल टेक्नोलॉजीज में डेढ़ फीसदी की गिरावट रही।

वित्त मंत्री ने कहा कि सेफ हार्बर का अनुमोदन एक स्वचालित नियम आधारित प्रक्रिया द्वारा किया जायेगा जिसमें आवेदनों की जांच करने और स्वीकार करने के लिए किसी कर अधिकारी की आवश्यकता नहीं होगी।

डाटा केंद्रों से जुड़ी अवसंरचना में निवेश बढ़ाने के लिए भारत से डाटा केंद्र सेवाओं का उपयोग करके वैश्विक तौर पर क्लाउड सेवाएं प्रदान करने वाली विदेशी कंपनियों को 2047 तक कर से छूट देने का प्रस्ताव भी बजट में किया गया है। हालांकि वे कंपनिया भारतीय ग्राहकों सीधे सेवा नहीं दे पायेंगी। इसके उन्हें स्थानीय कंपनियों के माध्यम से काम करना पड़ेगा और उन पर 15 प्रतिशत का सेफ हार्बर का प्रावधान लागू होगा। अनुमानित कर देने वाली बाहरी इकाइयों को न्यूनतम वैकल्पिक कर से छूट दी गयी है।

इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण क्षेत्र के लिए कंपोनेंट के आयात को आसान बनाने के लिए विदेशी इकाइयों को सीमा शुल्क नियंत्रित वेयर हाउस क्षेत्र में कंपोनेंट का गोदाम बनाने के लिए इनवॉयस मूल्य पर दो प्रतिशत के सेफ हार्बर मार्जिन की सुविधा देने का प्रस्ताव किया गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि इससे उन्हें प्रभावी रूप से करीब 0.7 प्रतिशत का कर देना होगा जो प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में काफी कम है।

सीमा शुल्क नियंत्रित क्षेत्र में टॉल (तीसरे पक्ष के लिए) विनिर्माण करने वाली इकाइयों को पूंजीगत सामान की आपूर्ति करने वालों को आयकर में पांच साल की छूट का भी प्रस्ताव किया गया है जिससे स्थानीय विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा।

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