नारायणपुर , मार्च 28 -- छत्तीसगढ़ में भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) और पुलिस ने नारायणपुर के इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र के सुदूर और दुर्गम ग्राम बोटेर से एक गर्भवती महिला को समय पर अस्पताल पहुंचाकर मानवता की मिसाल पेश की है।

सुरक्षा बलों की तत्परता से महिला को समय पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ओरछा पहुंचाया गया, जहां जच्चा और बच्चा दोनों सुरक्षित हैं।

आईटीबीपी से शनिवार को मिली जानकारी के अनुसार ग्राम बोटेर में एक गर्भवती महिला की हालत गंभीर होने की सूचना मिली। तत्काल चिकित्सा सहायता की जरूरत को देखते हुए आईटीबीपी की 29वीं बटालियन ने त्वरित कार्रवाई दल को रवाना किया। सहायक कमांडेंट अनिल कुमार के नेतृत्व में टीम ने नारायणपुर पुलिस के समन्वय से बचाव अभियान शुरू किया। वहीं, ओरछा स्थित सीओबी से एंबुलेंस को भी पहले से तैयार रखा गया।

घने जंगल, पहाड़ी रास्तों और सड़क सुविधा के अभाव के बीच जवानों ने अस्थायी स्ट्रेचर तैयार कर महिला को लगभग पांच किलोमीटर तक पैदल सुरक्षित बाहर निकाला। अभियान के दौरान टीम ने ऊबड़-खाबड़ रास्तों और खड़ी चढ़ाइयों को पार करते हुए धैर्य और साहस का परिचय दिया।

रेस्क्यू टीम महिला को बोटेर और कुदमेल के बीच निर्धारित प्वाइंट तक लेकर पहुंची, जहां पहले से मौजूद एंबुलेंस से उसे तत्काल सीएचसी ओरछा भेजा गया।

अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद महिला ने शिशु को जन्म दिया। चिकित्सकों के अनुसार मां और नवजात दोनों की हालत स्थिर है तथा निगरानी में रखा गया है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित