बीजापुर , मार्च 21 -- भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की 38वीं वाहिनी द्वारा नक्सल प्रभावित क्षेत्र में ग्रामीणों के सहयोग और विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सीओबी एडजूम कैम्प परिसर में शनिवार को सिविक एक्शन प्रोग्राम का आयोजन किया गया, जिसमें ग्रामीणों को उपयोगी सामान वितरित किया गया और नशा मुक्ति का संदेश दिया गया। इस कार्यक्रम में आसपास के गांवों के ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और सुरक्षा बलों के इस प्रयास की सराहना की।

आईटीबीपी ने आज बताया - कार्यक्रम का आयोजन कमांडेंट रोशन सिंह असवाल के मार्गदर्शन में किया गया। इसमें दूलुर और गौदारी गांव के लगभग 35 ग्रामीण शामिल हुए, जिनमें स्कूल के बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग और युवा भी मौजूद रहे। इस अवसर पर ग्रामीणों को दैनिक जीवन में उपयोग होने वाली विभिन्न सामग्रियों का वितरण किया गया। इनमें स्टेशनरी सामग्री, कृषि कार्य से जुड़े औजार, पानी भरने के लिए पानी-पल्ला, ट्रैकसूट, सोलर लाइट, पानी के जग और चप्पल जैसी आवश्यक वस्तुएं शामिल थीं। ग्रामीणों ने इन सामग्रियों को पाकर खुशी जताई और सुरक्षा बलों के इस सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को नशा मुक्ति के प्रति भी जागरूक किया गया। आईटीबीपी के अधिकारियों और जवानों ने ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बताया गया कि नशा व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर डालता है तथा इससे पारिवारिक और आर्थिक स्थिति भी प्रभावित होती है। ग्रामीणों को समझाया गया कि नशे से दूर रहकर स्वस्थ जीवन जीया जा सकता है और परिवार में खुशहाली लाई जा सकती है। साथ ही उन्हें नशा छोड़ने के लिए प्रेरित करते हुए यह विश्वास दिलाया गया कि दृढ़ संकल्प और सही मार्गदर्शन से नशे की आदत को छोड़ा जा सकता है।

ग्रामीणों के साथ संवाद के दौरान उन्हें यह भी बताया गया कि भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासी और गरीब ग्रामीणों के उत्थान के लिए विभिन्न सामाजिक और आर्थिक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं को सफल बनाने में स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ सुरक्षा बल भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों के लिए कैम्प परिसर में ही भोजन की व्यवस्था की गई। इस सिविक एक्शन प्रोग्राम को सफल बनाने में मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी राजवीर सिंह, सीओबी कमांडर निरीक्षक जी.डी. नरेन्द्र यादव, आईटीबीपी की 38वीं वाहिनी के जवानों तथा छत्तीसगढ़ पुलिस के जवानों ने सक्रिय भूमिका निभाई।

अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र के विकास और ग्रामीणों के सहयोग के लिए भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित