हैदराबाद , मार्च 22 -- इंडियन जर्नलिस्ट यूनियन (आईजेयू) ने राष्ट्रीय राजधानी में यूनाइटेड न्यूज ऑफ इंडिया (यूएनआई) के कार्यालय को जबरन सील किए जाने और कब्जे में लेने की घटना पर रविवार को कड़ा विरोध जताया।
एक बयान में आईजेयू के अध्यक्ष के श्रीनिवास रेड्डी और महासचिव बलविंदर सिंह जम्मू ने कहा कि रफी मार्ग स्थित यूएनआई कार्यालय को शुक्रवार शाम जिस तरीके से, कथित तौर पर हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देकर, अपने कब्जे में लिया गया, वह "चौंकाने वाला" है।
उन्होंने कहा कि इस पूरी कार्रवाई में दिल्ली पुलिस और भूमि एवं विकास कार्यालय (एल एंड डीओ) के अधिकारियों की भूमिका ने देशभर के पत्रकारों के बीच गंभीर चिंता पैदा की है। आईजेयू ने इस कदम को "प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला" और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ माने जाने वाले मीडिया का अपमान बताया।
आईजेयू नेताओं ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई बिना किसी पूर्व सूचना के की गई, जिससे कर्मचारियों को अपने निजी सामान तक लेने का मौका नहीं मिला। उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया की आलोचना करते हुए कहा कि यह सामान्य प्रशासनिक कार्रवाई के बजाय "पुलिस छापे" जैसी लग रही थी।
उन्होंने उन खबरों और दृश्यों पर भी चिंता जताई, जिनमें कार्रवाई के दौरान महिला पत्रकारों के साथ धक्का-मुक्की की बात सामने आई है। आईजेयू ने पुलिस के व्यवहार की व्यापक जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
आईजेयू ने यूएनआई को एक प्रतिष्ठित समाचार एजेंसी बताते हुए कहा कि यह कार्यालय दशकों से दिल्ली में एक महत्वपूर्ण समाचार केंद्र के रूप में कार्य करता रहा है। रात के समय कार्यालय को सील कर समाचार संकलन और प्रसारण में बाधा डालना पत्रकार समुदाय को डराने-धमकाने के समान है।
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