लखनऊ , मार्च 16 -- उत्तर प्रदेश पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन आईएसआईएस के ऑनलाइन मॉड्यूल से जुड़े एक बीडीएस छात्र को मुरादाबाद से गिरफ्तार किया है। आरोपी वीपीएन और छद्म नामों का उपयोग कर सोशल मीडिया पर आईएसआईएस समर्थित ग्रुप संचालित कर रहा था और अधिक से अधिक लोगों को संगठन से जोड़ने का प्रयास कर रहा था।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान हारिश अली (19) पुत्र रियासत अली निवासी मोहल्ला मानक मऊ, जनपद सहारनपुर के रूप में हुई है। हारिश बीडीएस द्वितीय वर्ष का छात्र बताया जा रहा है।
एटीएस को सूचना मिल रही थी कि उत्तर प्रदेश सहित देश के अन्य राज्यों में कुछ लोग प्रतिबंधित आतंकी संगठन आईएसआईएस के लिए ऑनलाइन नेटवर्क तैयार कर रहे हैं। ये लोग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम और विभिन्न एन्क्रिप्टेड एप्स जैसे सेशन और डिस्कॉर्ड पर गुप्त ग्रुप बनाकर युवाओं को जिहादी विचारधारा से जोड़ने का प्रयास कर रहे थे।
इन ग्रुप्स के माध्यम से संगठन की प्रचार सामग्री, आतंकी विचारधारा और निर्देश साझा किए जा रहे थे तथा भारत में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश रची जा रही थी। सूचना की गंभीरता को देखते हुए एटीएस ने गहन भौतिक और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस किया। जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद एटीएस थाना लखनऊ में मुकदमा संख्या 01/2026 धारा 148, 152, 61(2) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) तथा 18, 18बी और 38 यूएपीए एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।
एटीएस के अनुसार हारिश ने "अल इत्तिहाद मीडिया फाउंडेशन" नाम से एक अलग ग्रुप भी बनाया था, जहां वह आईएसआईएस की मीडिया चैनल 'अल-नाबा' और उसकी प्रचार पत्रिका 'दाबिक' से जुड़ी सामग्री साझा करता था। इन ग्रुप्स में मारे गए आतंकियों के फोटो, वीडियो और ऑडियो के साथ आतंकी भाषण और प्रचार सामग्री भी पोस्ट की जाती थी।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह लोकतांत्रिक व्यवस्था को नहीं मानता और शरिया कानून लागू कर खिलाफत व्यवस्था स्थापित करना चाहता था। इसके लिए वह ग्रुप्स में लोगों को फिदायीन हमले करने के लिए प्रेरित करता था। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी का संपर्क भारत के अलावा पाकिस्तान और अन्य देशों में मौजूद आईएसआईएस हैंडलरों से भी था।
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