नयी दिल्ली , दिसंबर 04 -- यकृत एवं पित्त विज्ञान संस्थान (आईएलबीएस) में गुरुवार को यहां वसंत कुंज स्थित परिसर में परिवार कल्याण निदेशालय, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार (जीएनसीटीडी) के सहयोग से 28वां हेपेटाइटिस दिवस मनाया गया। इस वर्ष की थीम 'साथ मिलकर, एक हेपेटाइटिस-मुक्त पीढ़ी के लिये' (टूगेदर, फॉर ए हेपेटाइटिस फ्री जनरेशन) है। यह आयोजन 1998 में डॉ. एसके सरीन द्वारा शुरू किए गए येलो रिबन अभियान से प्रेरित है। जिसने दिल्ली को हेपेटाइटिस नियंत्रण और लिवर हेल्थ जागरूकता में देश का अग्रणी बनाया है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के सचिव निखिल कुमार ने की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हेपेटाइटिस-मुक्त पीढ़ी का लक्ष्य तभी पूरा होगा जब सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था, सामुदायिक भागीदारी और युवाओं में समय रहते जागरूकता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने उपस्थित स्कूल छात्रों, नर्सिंग प्रशिक्षुओं और स्वास्थ्यकर्मियों से अपील की कि वे हेपेटाइटिस बी के संक्रमण, रोकथाम तथा टीकाकरण के महत्व को समझें और अपने समुदाय में जागरूकता फैलायें। उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि येलो रिबन अभियान को अन्य राज्यों में भी अपनाया जाना चाहिए। इसी दौरान सचिव स्वास्थ्य ने सभी 660 प्रतिभागियों को जागरूकता और टीकाकरण बढ़ाने की शपथ दिलायी। उन्होंने बताया कि भारत में अभी भी लगभग 3.5 करोड़ लोग हेपेटाइटिस बी और सी के साथ जी रहे हैं, इसलिए स्क्रीनिंग, टीकाकरण और उपचार को तेजी से बढ़ाना अत्यंत आवश्यक है।

कार्यक्रम में 25 स्कूल और 15 नर्सिंग कॉलेज शामिल हुए। पोस्टर, स्लोगन, क्विज़, स्किट और एकल अभिनय जैसी गतिविधियों में छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर आईएलबीएस ने एक मुफ़्त लिवर स्वास्थ्य स्क्रीनिंग शिविर का भी आयोजन किया।

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