नयी दिल्ली , नवंबर 17 -- सरकार ने दूरसंचार नेटवर्क सुरक्षित रखने तथा नकली उपकरणों को प्रचलन में आने से रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय मोबाइल उपकरण पहचान (आईएमईआई) पंजीकरण पर सख्त नियम लागू किए हैं और इनकी छेड़छाड़ पर रोक लगाई है।
संचार मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि दूरसंचार नेटवर्क सुरक्षित रखने और नकली उपकरणों को प्रचलन में आने से रोकने के लिए केंद्र सरकार ने दूरसंचार अधिनियम, 2023 और दूरसंचार साइबर सुरक्षा नियम, 2024 के तहत आईएमईआई पंजीकरण पर सख्त नियम लागू किए हैं और इनकी छेड़छाड़ पर रोक लगाई है। आईएमईआई हर मोबाइल फोन के लिए एक विशिष्ट 15-अंकीय सीरियल नंबर होता है, जिसे उपकरण की पहचान करने के लिए उपयोग किया जाता है। दूरसंचार अधिनियम, 2023 आईएमईआई नंबर सहित दूरसंचार पहचानकर्ताओं के साथ छेड़छाड़ पर कठोर दंड का प्रावधान है।
दूरसंचार साइबर सुरक्षा नियम, 2024 के अनुसार निर्माताओं को भारत में निर्मित प्रत्येक डिवाइस जैसे मोबाइल हैंडसेट, मॉड्यूल, मॉडेम, सिम बॉक्स आदि का आईएमईआई नंबर पहली बिक्री, परीक्षण, अनुसंधान और विकास या किसी अन्य उद्देश्य से पहले डिवाइस सेतु (भारतीय नकली डिवाइस प्रतिबंध (आईसीडीआर)) के पोर्टल पर सरकार के साथ पंजीकृत करना होगा।
दूरसंचार साइबर सुरक्षा संशोधन नियम, 2025 के अनुसार, केंद्र सरकार आईएमईआई नंबर वाले दूरसंचार उपकरणों के निर्माताओं को निर्देश जारी कर सकती है कि वे भारत में दूरसंचार नेटवर्क में पहले से उपयोग में आने वाले आईएमईआई भारत में निर्मित या भारत में आयात किए जाने वाले नए दूरसंचार उपकरणों को न दें।
सरकार छेड़छाड़ किए गए या काली सूची में डाले गए आईएमईआई का एक केंद्रीय डेटाबेस रखती है। पुराने मोबाइल उपकरणों की खरीद या बिक्री करने वाली संस्थाओं को पैसे के लेन-देन से पहले राष्ट्रीय आईएमईआई डेटाबेस की मदद से इनकी जांच करनी होगी और प्रत्येक आईएमईआई सत्यापन के लिए एक निश्चित शुल्क का भुगतान करना होगा। अंतर्राष्ट्रीय मोबाइल उपकरण पहचान (आईएमईआई) नंबर वाले स्मार्टफोन, सेलुलर युक्त स्मार्टवॉच, मोबाइल वाई-फाई हॉटस्पॉट, टैबलेट, यूएसबी मॉडम, मॉड्यूल, डोंगल, लैपटॉप, सिम बॉक्स जैसे सभी असेंबल किए गए सभी उपकरणों को डिवाइस सेतु - आईसीडीआर पोर्टल पर पंजीकृत करना होगा।
आईएमईआई में बदलाव की क्षमता वाले उपकरणों का उपयोग आईएमईआई के साथ छेड़छाड़ के समान है और अधिनियम और दूरसंचार साइबर सुरक्षा नियम, 2024 के अनुसार इसके विरुद्ध कानूनी प्रावधान लागू होंगे। निर्माताओं, ब्रांड मालिकों, आयातकों, विक्रेताओं, पुनर्विक्रेताओं, खुदरा विक्रेताओं को पता होना चाहिए कि छेड़छाड़ किए गए या कॉन्फ़िगर किये गये आईएमईआई नंबर वाले उपकरणों के निर्माण, खरीद, संयोजन या उपयोग के गंभीर कानूनी नतीजे भुगतना पड़ सकते हैं।
दूरसंचार विभाग इस बात पर ज़ोर देता है कि दूरसंचार साइबर सुरक्षा बनाए रखने, फर्जीवाड़ा रोकने, वैधानिक प्रवर्तन सुगमता और उचित कर संग्रह सुनिश्चित करने के लिए ये नियम आवश्यक हैं। इन नियमों का सख्त अनुपालन भारत के दूरसंचार ढांचे को नकली और छेड़छाड़ किए गए उपकरणों से सुरक्षित रखता है, वैधानिक प्रवर्तन को सहयोग प्रदान करता है तथा कर एवं नियामक अनुपालन सुनिश्चित करता है। इन नियमों के उल्लंघन पर कठोर कानूनी दंड का प्रावधान किया गया है।
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