चेन्नई , अप्रैल 06 -- आईआईटी मद्रास के शोधकर्ता कंप्यूटिंग की कुछ सबसे बुनियादी चुनौतियों को हल करने को तैयार हैं जिनमें क्रिप्टोग्राफी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और क्वांटम टेक्नोलॉजी शामिल हैं।
इसके लिए एक नयी और बड़ी शोध पहल शुरू की गई है, जिसका मुख्य फोकस गहन, सिद्धांत-आधारित नवाचार पर है, जिसका वास्तविक दुनिया पर सीधा असर पड़ेगा।
यह पहल कंप्यूटेशन की गणितीय नींव को मजबूत करेगी। साथ ही यह डेटा सुरक्षा, कम्प्यूटेशनल जटिलता, एल्गोरिदम और एआई में गोपनीयता जैसे क्षेत्रों में मौजूद महत्वपूर्ण और अनसुलझी समस्याओं को भी हल करेगी।
कठोर सैद्धांतिक जांच को व्यावहारिक अनुप्रयोगों के साथ मिलाकर इस प्रयास का उद्देश्य सुरक्षित डिजिटल बुनियादी ढांचे, मजबूत प्रणालियों और भरोसेमंद एआई के क्षेत्र में बड़ी सफलताएं हासिल करना है।
यह शोध कार्य आईआईटी मद्रास के पूर्व छात्र अरविंद रघुनाथन के नाम पर बने 'अरविंद रघुनाथन सेंटर फॉर थियोरेटिकल कंप्यूटर साइंस' (एआरसीटीसीएस) द्वारा किया जाएगा। इस केंद्र की शुरुआत हाल ही में अरविंद द्वारा दिए गए 23 करोड़ रुपये के अनुदान की मदद से की गई है।
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