गांधीनगर , जनवरी 29 -- भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान गांधीनगर (आईआईटी गांधीनगर ) ने एक नवाचारी अंतरक्रियात्मक खेल अनुभव विकसित किया है, जो पारंपरिक वीडियो गेम टेट्रिस की कल्पना को नए तरीके से पेश कर शारीरिक गतिविधि को प्रोत्साहित करता है।

सृजनात्मक अधिगम केंद्र के शिक्षण प्रोफेसर और प्रधान समन्वयक मनीष जैन ने गुरूवार को यहां बताया कि सृजनात्मक अधिगम केंद्र (सृजनात्मक अधिगम केंद्र) में विकसित, सर्कुलर टेट्रिस पारंपरिक गेमिंग प्रारूप को बदलकर खेल को केंद्र में स्थिर रखता है, जबकि खिलाड़ी को उसके चारों ओर गतिशील होना पड़ता है। सामान्य गेमप्ले के विपरीत, जिसमें खिलाड़ी बैठकर बटन के माध्यम से खेल नियंत्रित करते हैं, इस संस्करण में खिलाड़ी सक्रिय रहता है, जिससे खेल एक शारीरिक और अनुभवात्मक प्रक्रिया बन जाता है।

यह परियोजना मैसाचुसेट्स प्रौद्योगिकी संस्थान (मैसाचुसेट्स प्रौद्योगिकी संस्थान) के प्रशिक्षुओं के सहयोग से विकसित की गई, जो सृजनात्मक अधिगम केंद्र के रचनात्मक अधिगम, व्यावहारिक अन्वेषण और खेल- आधारित प्रयोग पर जोर को दर्शाती है।

श्री मनीष जैन ने कहा, "टेट्रिस ऐसा खेल है जिसे अधिकांश लोग तुरंत पहचानते हैं। हमने एक सरल सवाल पूछा क्या होगा अगर खिलाड़ी को खेल की बजाय स्वयं चलना पड़े" परिणाम एक सरल परंतु विचारोत्तेजक अनुभव है, जो गति, जागरूकता और सहभागिता को प्रोत्साहित करता है। यद्यपि इसे किसी व्यायाम उपकरण के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है, सर्कुलर टेट्रिस निष्क्रिय स्क्रीन समय की आदतों को चुनौती देता है और खिलाड़ियों को डिजिटल खेलों के साथ अधिक शारीरिक और सचेत तरीके से संवाद करने के लिए आमंत्रित करता है।

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