चेन्नई , दिसंबर 17 -- आईआईटीएम प्रवर्तक टेक्नोलॉजीज फाउंडेशन केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की स्वयं प्लस पहल के साथ साझेदारी कर एआई-सक्षम एचआर एनालिटिक्स कार्यक्रम लॉन्च कर रहा है। यह कार्यक्रम शिक्षार्थियों को उभरते कार्यबल और संगठनात्मक मांगों के अनुरूप आंकड़ा अनुरूप और कृत्रिम बुद्विमता-सक्षम मानव संसाधन क्षमताओं से युक्त करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। पहला बैच जनवरी 2026 में शुरू होगा।
इसके लिये आवेदन की अंतिम तिथि 30 दिसंबर 2025 है। यह कार्यक्रम छात्रों और मानव संसाधन पेशेवरों को उनकी विश्लेषणात्मक , डिजिटल और रणनीतिक प्रबंधन क्षमताओं को बढ़ाने के लिए सशक्त बनाने का लक्ष्य रखता है।प्रतिभागी कार्यबल डेटा विश्लेषण, एचआर मेट्रिक्स की व्याख्या और एआई-संचालित अंतर्दृष्टि में व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करेंगे, जो संगठनात्मक प्रतिभा रणनीतियों, कार्यबल योजना और साक्ष्य-आधारित निर्णय लेने को मजबूत करेंगे।
भारतीय छात्रों और पेशेवरों को कौशल प्रदान करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए, आईआईटीएम प्रवर्तक टेक्नोलॉजीज फाउंडेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. एम.जे. शंकर रमन ने कहा, "यह कार्यक्रम मानव संसाधन को वास्तव में आंकड़ा अनुरूप और एआई-सशक्त कार्य में बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। शैक्षणिक कठोरता को व्यावहारिक उद्योग अंतर्दृष्टि के साथ जोड़कर, हम भविष्य के लिये बेहतर मानव संसाधन को तैयार करने का लक्ष्य रखते हैं जो संगठनों में सार्थक प्रभाव डाल सकें।"जैसे-जैसे संगठन अत्यधिक डिजिटल और प्रौद्योगिकी-सक्षम प्रणालियों में विकसित हो रहे हैं, मानव संसाधन कार्य प्रशासनिक भूमिका से रणनीतिक, विश्लेषणात्मक और एआई-एकीकृत नेतृत्व क्षेत्र में तेजी से परिवतिर्त कर रहा है। आज, एचआर पेशेवरों से अपेक्षा की जाती है कि वे न केवल लोगों की प्रक्रियाओं का प्रबंधन करें, बल्कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता, पूर्वानुमानित विश्लेषणात्मक क्षमता और ऑटोमेशन का उपयोग कर दक्षता और रणनीतिक मूल्य बढ़ाएं।
एचआर एनालिटिक्स कार्यक्रम इस उद्योग परिवर्तन को संबोधित करता है जिसमें आधारभूत मानव संसाधन अवधारणाओं को उन्नत एनालिटिक्स, एआई अनुप्रयोगों, एमएल-ड्रिवेन पूर्वानुमानित मॉडलों और वास्तविक दुनिया के केस-आधारित शिक्षण के साथ एकीकृत किया गया है।
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