नेल्लोर , जनवरी 27 -- आंध्र प्रदेश में वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री के गोवर्धन रेड्डी ने चंद्रबाबू नायडू सरकार की 'मुफ्त बालू नीति' को एक धोखा बताते हुए इसे तुरंत रोकने की मांग की है।

उन्होंने मंगलवार को एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि यह नीति सत्ताधारी पार्टी के नेताओं द्वारा 'बड़े पैमाने पर अवैध खनन और प्राकृतिक संसाधनों की संगठित लूट के लिए एक आड़' बन गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा तय कीमत से पांच गुना से अधिक कीमत पर बालू बेची जा रही है, जबकि गठबंधन के विधायक हर बालू घाट से हर महीने तीन करोड़ रुपये से अधिक कमा रहे हैं।

पूर्व मंत्री ने विरुवुरु और सुरायापलेम घाटों पर आधी रात और सुबह-सुबह अवैध खनन के फोटोग्राफिक सबूत पेश किए, जिसमें नियमों, राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के निर्देशों और पर्यावरण सुरक्षा उपायों का खुलेआम उल्लंघन करते हुए पेन्ना नदी में भारी मशीनों का इस्तेमाल करके 10 मीटर गहराई तक बालू की खुदाई दिखाई गई।

श्री गोवर्धन रेड्डी ने याद दिलाया कि वाईएसआरसीपी सरकार के तहत विनियमित बालू टेंडर से सालाना लगभग 700 करोड़ रुपये का राजस्व मिलता था, जो पांच सालों में कुल मिलाकर सरकारी खजाने के लिए लगभग 3,500 करोड़ रुपये था। उन्होंने आरोप लगाया कि श्री नायडू के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार के तहत पूरा राजस्व 'मुफ्त बालू' के नाम पर राजनीतिक नेटवर्क द्वारा लूटा जा रहा है।

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