नयी दिल्ली , मार्च 26 -- राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने गुरुवार को आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले में मिलावटी दूध के सेवन से 16 लोगों की मौत के मामले में स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने इस घटना को गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन बताते हुये राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को नोटिस जारी पूरे मामले की रिपोर्ट तलब किया है।

मानवाधिकार आयोग ने दोनों अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वह दो सप्ताह के भीतर इस पूरे मामले पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें। रिपोर्ट में मृतकों की स्वास्थ्य स्थिति, इलाज की जानकारी, जांच की प्रगति और पीड़ित परिवारों को दिए गए मुआवजे का पूरा विवरण शामिल करने को कहा गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पूर्वी गोदावरी जिले के लालाचेरुवु, चौदेश्वरनगर और स्वरूपनगर इलाकों में फरवरी 2026 के मध्य से मिलावटी दूध पीने के बाद लोगों की तबीयत बिगड़नी शुरू हुई। अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कम से कम चार अन्य लोग अस्पताल में इलाज जारी है।

जांच में सामने आया है कि दूध में एथिलीन ग्लाइकॉल जैसा विषैला रसायन मिलाया गया था, जिसके कारण पीड़ितों के शरीर के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया। पीड़ितों को पेट दर्द, उल्टी, पेशाब न आना और किडनी फेल होने जैसे गंभीर लक्षण देखे गए।

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