विशाखापट्टनम , अप्रैल 08 -- आंध्र प्रदेश विधान परिषद में विपक्ष के नेता बोचा सत्यनारायण ने राज्य के कर्ज के आंकड़ों में बड़ी गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए राज्यपाल एस. अब्दुल नज़ीर को पत्र लिखा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि आंध्र प्रदेश के वित्त विभाग ने 2024-25 और 2025-26 के लिए सरकारी उधारी से संबंधित अधूरी और गलत जानकारी प्रस्तुत की है।

श्री सत्यनारायण ने पत्र में कहा कि फरवरी 2026 सत्र में एक प्रश्न के जवाब में प्रधान वित्त सचिव द्वारा दिए गए आंकड़ों में वास्तविक उधारी को कम दिखाया गया और कई महत्वपूर्ण हिस्सों को शामिल नहीं किया गया। उन्होंने राज्यपाल से हस्तक्षेप कर सरकार को सही और पूर्ण जानकारी देने के निर्देश देने की मांग की।

उन्होंने बताया कि वित्त विभाग के अनुसार 2024-25 में कुल उधारी 60,485 करोड़ रुपये बताई गई, जबकि भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक द्वारा ऑडिट किए गए वित्तीय खातों के अनुसार वास्तविक देनदारियां करीब 81,082 करोड़ रुपये हैं। इस तरह 20,500 करोड़ रुपये से अधिक का अंतर सामने आता है।

इस अंतर को समझाते हुए उन्होंने कहा कि तीन प्रमुख घटकों को संभवतः शामिल नहीं किया गया जिनमेंं रिजर्व बैंक से लिए गए "वेज एंड मीन्स एडवांस", पब्लिक अकाउंट के तहत जमा और रिजर्व फंड और जीएसटी मुआवजा ऋण से जुड़े समायोजन शामिल है। उन्होंने कहा कि जब वित्तीय घाटा ही 81,000 करोड़ रुपये से अधिक है, तब कम उधारी दिखाना राज्य की वित्तीय स्थिति की भ्रामक तस्वीर पेश करता है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित