विजयवाड़ा , फरवरी 09 -- आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने विकास को आसान बनाने के लिए कानूनी ढांचे को आसान बनाने पर जोर दिया।
उनके अनुसार, इसके लिए पुराने कानूनों को रद्द करने की जरूरत है।
मुख्यमंत्री ने अमरावती के सचिवालय में सोमवार को आयोजित तीसरे मंत्रियों और सचिवों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए विकास में बाधा बनने वाले अनावश्यक उपबंधों को हटाने के लिए केंद्र सरकार के पुराने अधिनियमों की निरंतर की जा रही समीक्षा का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि हाल ही में दावोस में हुए विश्व आर्थिक मंच (डब्लूईएफ) शिखर सम्मेलन में मुख्य रूप से कृत्रिम बुद्धिमता (एआई) और ऊर्जा संक्रमण को चर्चा के मुख्य बिंदुओं के रूप में रखा गया था। इस संदर्भ में उन्होंने नयी तकनीक को अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया कि राज्य सरकार लोगों के जीवन स्तर में सुधार के लिए एआई, क्वांटम कंप्यूटर और डाटा सेंटर सहित 'डीप टेक्नोलॉजी' को अपनाने के प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कल्याण और विकास के बीच संतुलन बनाने वाली गठबंधन सरकार की पिछले 19 महीनों की उपलब्धियों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि पोलावरम सिंचाई परियोजना पूर्ण होने के करीब है और 2027 में गोदावरी पुष्करम से पहले यह काम करना शुरू कर देगी।
मुख्यमंत्री ने कहा, "इसी तरह अमरावती राजधानी शहर के कार्यों ने गति पकड़ ली है और यह तीन वर्षों में पूरा हो जायेगा। अमरावती तीन साल में सबसे रहने योग्य शहर के रूप में उभरेगा। इसके अलावा विशाखा इस्पात संयंत्र को भी पटरी पर लाया गया है। इसने 54 करोड़ रुपये का लाभ कमाया है। राज्य सरकार ने कृषि उपज का बेहतर मूल्य दिलाने के लिए बाजार हस्तक्षेप के जरिये 1100 करोड़ रुपये खर्च करके किसानों की मदद की है।"श्री नायडू ने बताया कि धान की खरीद के 48 घंटे के अंदर किसानों के खातों में 10,000 करोड़ रुपये जमा कर दिये गये। उन्होंने यह भी बताया कि सरकारी निशान वाली पट्टादार पासबुक बांटना शुरू हो गया है। पासबुक में क्यूआर कोड होगा और ब्लॉक-चेन तकनीक की वजह से वे सुरक्षित हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंचाई क्षेत्र के विकास के लिए 24,000 करोड़ रुपये खर्च किये गये हैं। अमरावती में क्वांटम वैली की नींव रखी गयी। गूगल एवं दूसरी कंपनियां विशाखापत्तनम में 5 गीगावाट की क्षमता वाला डाटा केंद्र बना रही हैं।
उन्होंने कहा कि सुधारों को लागू करने के साथ ही राज्य सरकार अब बिजली की दरों में कटौती कर रही है। 3,000 करोड़ रुपये की लागत से सड़कें बनायी जायेंगी और मार्च तक राज्य को कचरा-मुक्त बना दिया जायेगा। मुख्यमंत्री ने 25,000 करोड़ रुपये की लागत से जल जीवन मिशन के तहत सभी घरों में पीने के पानी की सुविधा का भरोसा दिया।
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