विजयवाड़ा , दिसंबर 02 -- आंध्र प्रदेश के मंत्री नारा लोकेश और वी. अनीता ने मंगलवार को नयी दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की और चक्रवात मोथा से हुई भारी तबाही का विस्तृत रिपोर्ट सौंपा।
श्री लोकेश ने बताया कि चक्रवात के आंध्र प्रदेश तट पर टकराने से राज्य को लगभग 6,352 करोड़ रुपये का अनुमानित नुकसान हुआ है। चक्रवात ने कई क्षेत्रों में गंभीर क्षति पहुंचाई है, जिससे प्रभावित इलाकों के निवासियों को भारी कष्ट हुआ। कुल 3,109 गांव इसकी चपेट में आए। उन्होंने केद्रीय मंत्री को राज्य सरकार द्वारा तुरंत उठाए गए राहत उपायों की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इन कदमों से जान-माल का नुकसान काफी हद तक कम हुआ। चक्रवात मोन्था 28 अक्टूबर की रात काकिनाड़ा के पास तट से टकराया था, जिससे 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं चलीं और भारी बारिश हुई, जिसके कारण व्यापक विनाश हुआ।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 1.92 लाख लोगों को 2,471 राहत शिविरों में सुरक्षित पहुंचाया, जहां भोजन, पीने का पानी, दूध और अन्य जरूरी सामग्री उपलब्ध कराई गई। प्रत्येक प्रभावित परिवार को तत्काल राहत के रूप में 3,000 रुपये दिए गए। प्रशासन ने पेड़ गिरने की सफाई, जलापूर्ति बहाली, अस्थायी आश्रय व्यवस्था और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की मरम्मत जैसे आपात उपाय किए। प्रारंभिक आपात राहत के लिए 60 करोड़ रुपये का कोष जारी किया गया है।
एक आकलन के अनुसार, क्षेत्रवार नुकसान इस प्रकार है: कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र 271 करोड़ रुपये, आवास क्षति 7 करोड़ रुपये, सड़कें एवं बुनियादी ढांचा 4,324 करोड़ रुपये, विद्युत क्षेत्र 41 करोड़ रुपये, जल संसाधन एवं सिंचाई परियोजनाएं 369 करोड़ रुपये, स्थायी संरचनाएं 1,302 करोड़ रुपये, सार्वजनिक संपत्ति 48 करोड़ रुपये है। कुल अनुमानित नुकसान लगभग 6,364 करोड़ रुपये है। एनडीआरएफ दिशानिर्देशों के तहत तत्काल राहत और अस्थायी पुनर्स्थापना के लिए लगभग 902 करोड़ रुपये स्वीकृत किए जा सकते हैं।
श्री लोकेश ने गृह मंत्री को यह भी बताया कि राज्य के प्रारंभिक प्रस्तुतिकरण के बाद 12 नवंबर को केंद्रीय अंतर-मंत्रालयी समिति ने मौके पर निरीक्षण किया था।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित