रायपुर , अप्रैल 10 -- कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को वितरित साड़ियों की खरीद में अनियमितता और कमीशनखोरी के आरोप लगाये हैं।
महिला एवं बाल विकास विभाग ने हालांकि प्रक्रिया को पारदर्शी करार देते हुए गड़बड़ी मिलने पर साड़ियां बदलने की बात कही है।
कांग्रेस ने शुक्रवार को सोशल मीडिया मंच 'एक्स' के माध्यम से आरोप लगाया कि सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए खरीदी गयी साड़ियों में तय मानकों का पालन नहीं किया। आरोपों में कहा गया है कि5.5 मीटर की जगह पांच मीटर लंबी साड़ियां वितरित की गयीं, कपड़ा घटिया है और रंग भी उतर रहा है।
इसे कांग्रेस ने "कमीशनखोरी" का मामला बताते हुए सरकार पर निशाना साधा है।
महिला एवं बाल विकास विभाग ने हालांकि इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि साड़ी वितरण पूरी तरह तय मापदंड और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत किया गया है। विभाग के अनुसार केंद्र सरकार के प्रावधान के तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को साल में दो साड़ियां दी जाती हैं, जिसके लिए प्रति साड़ी 500 रुपये निर्धारित हैं। राज्य में करीब 1.94 लाख साड़ियों की आपूर्ति का आदेश खादी एवं ग्रामोद्योग से जुड़ीएजेंसी को दिया गया था।
विभाग ने बताया कि साड़ियों की गुणवत्ता जांच तकनीकी एजेंसी राइट्स लिमिटेड, मुंबई से करायी गयी थी, जिसमें मानक सही पाये गये थे। वितरण के बाद हालांकि दुर्ग, धमतरी, रायगढ़ और कबीरधाम जिलों से साड़ी की लंबाई कम होने, धागा निकलने और रंग छोड़ने की शिकायतें मिलीं।
इन शिकायतों के बाद विभाग ने जांच करायी, जिसमें कुछ मामलों में खामियां पायी गयी। इसके बाद सभीजिलों को साड़ियों की दोबारा जांच के निर्देश दिये गये हैं। साथ ही संबंधित एजेंसी को स्पष्ट निर्देश दिये गयेहैं कि जहां भी साड़ियां मानक के अनुरूप नहीं हैं, उन्हें बदलकर नई साड़ियां उपलब्ध करायी जायें।
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