भोपाल , अप्रैल 30 -- मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने मध्यप्रदेश में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं से बेगारी कराए जाने का आरोप लगाते हुए जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
पार्टी के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने जारी बयान में कहा कि वर्ष 2011 से अब तक महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा कई बार निर्देश जारी किए गए हैं कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को उनके मूल कार्यों के अतिरिक्त अन्य कार्यों में न लगाया जाए, लेकिन इन निर्देशों की अनदेखी की जा रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पहले इन्हें एसआईआर में लंबे समय तक ड्यूटी पर लगाया गया और अब जनगणना कार्य में लगाया जा रहा है, जिससे वे अपने मूल दायित्वों के लिए समय नहीं निकाल पा रही हैं।
माकपा के अनुसार इसका प्रतिकूल प्रभाव कुपोषित बच्चों और गर्भवती महिलाओं पर पड़ रहा है। पार्टी ने कहा कि इन कार्यकर्ताओं को समय पर मानदेय भी नहीं मिलता और अतिरिक्त कार्य के लिए कोई भुगतान नहीं किया जाता। पार्टी ने मांग की है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं से बेगारी कराना बंद किया जाए और कुपोषित बच्चों तथा गर्भवती महिलाओं से जुड़े कार्यों पर ध्यान दिया जाए।
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