मथुरा , जनवरी 24 -- वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा और ऐतिहासिक धरोहर को कथित तौर पर नुकसान पहुंचाए जाने का मामला अब मथुरा की सड़कों पर सुलग उठा है।
शनिवार को विरोध प्रदर्शन करने निकले कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच जमकर धक्का-मुक्की और झड़प हुई। हालात बेकाबू होते देख कांग्रेसियों ने सड़क जाम कर दी, जिसके बाद पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए जिला अध्यक्ष सहित कई नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।
कांग्रेस के जिला अध्यक्ष मुकेश धनगर के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ता डैंपियर नगर स्थित अहिल्याबाई पार्क में जमा हुए थे। यहां से कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए दिल्ली स्थित मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के लिए कूच कर रहे थे। हालांकि, पहले से मुस्तैद मथुरा पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया। जब कार्यकर्ताओं ने घेरा तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की, तो पुलिस के साथ उनकी तीखी झड़प हुई। काफी देर तक चले इस हंगामे के कारण सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
कांग्रेस का सीधा आरोप है कि योगी सरकार ने विकास के नाम पर जानबूझकर राजमाता अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा पर बुलडोजर चलवाया है। कार्यकर्ताओं ने कहा कि राजमाता पाल-गड़रिया समाज का गौरव थीं और उनकी विरासत को मिटाने की कोशिश पिछड़े समाज के स्वाभिमान पर चोट है। कांग्रेस का दावा है कि इस घटना से पूरे प्रदेश के पाल समाज में भारी रोष है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित