अहमदाबाद , फरवरी 23 -- गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सोमवार को यहां गुजरात लॉ सोसाइटी (जीएलएस) शताब्दी वर्ष उत्सव का शुभारंभ किया।
श्री पटेल ने इस अवसर पर जीएलएस सेंटेनिलय लोगो तथा जीएलएस आर्काइव का अनावरण किया। जीएलएस आर्काइव में जीएलएस की एक शताब्दी लंबी यात्रा के साक्षी दुर्लभ दस्तावेजों, ऐतिहासिक तसवीरों एवं स्मृतिचिह्नों को प्रदर्शित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने समारोह को संबोधित करते हुए गुजरात लॉ सोसाइटी को शताब्दी वर्ष में प्रवेश के लिए हार्दिक अभिनंदन दिया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती मनाई जा रही है और इसके साथ ही जीएलएस का शताब्दी वर्ष मनाया जाना सुंदर समन्वय है।
जीएलएस के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख करते हुए श्री पटेल ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में युवाओं के बौद्धिक योगदान के लिए सरदार वल्लभभाई पटेल, श्री गणेश मावलणकर तथा कस्तूरभाई लालभाई जैसे महानुभावों द्वारा स्थापित इस संस्था ने विशिष्ट ख्याति प्राप्त की है। किसी संस्था के 100 वर्ष पूर्ण होना अत्यंत गौरवपूर्ण क्षण कहलाता है। साथ ही उन्होंने राजनीति सहित लॉ क्षेत्र में कार्यरत संस्था के प्रतिष्ठित एलुमनियों को भी इस अवसर पर याद किया।
जीएलएस के कार्यपालक उपाध्यक्ष सुधीर नाणावटी ने इस अवसर पर अपने संबोधन में गौरवपूर्वक कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल, श्री गणेश मावळणकर तथा श्री कस्तूरभाई लालभाई जैसे महानुभावों द्वारा स्थापित यह शैक्षणिक ट्रस्ट आज एक समृद्ध मल्टीडिसिप्लीनरी यूनिवर्सिटी में परिवर्तित हुआ है। उन्होंने फैकल्टीज, विद्यार्थियों तथा सभी हितधारकों के योगदान की प्रशंसा करते हुए जोड़ा कि संस्था का मुख्य उद्देश्य केवल शिक्षा देना ही नहीं, बल्कि देश के लिए जिम्मेदार एवं राष्ट्रप्रेमी नागरिक तैयार करना भी है।
जीएलएस की कार्यपालक निदेशक डॉ. चांदनी कापडिया ने स्वागत संबोधन में संस्था की 1927 से प्रारंभ हुई असाधारण विकास यात्रा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह 100 वर्ष की श्रेष्ठता, संकल्प एवं अविरत सेवा का प्रारंभ है। डॉ. कापडिया ने आगे कहा कि जीएलएस ने सदैव परंपरागत मूल्यों तथा प्रगतिशील विचारधारा का समन्वय साधा है। इस सेंटेनरी वर्ष के दौरान शैक्षणिक परिषदों, खेल-कूद, सांस्कृतिक महोत्सवों तथा सामाजिक उत्तरदायित्व के विभिन्न कार्यक्रमों का वर्षभर आयोजन किया गया है, जिससे भावी पीढ़ी प्रेरित होगी।
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