श्रीनगर , अप्रैल 07 -- अस्पताल के माहौल से बाहर निकलकर कश्मीर के प्रसिद्ध ट्यूलिप गार्डन में पहुंचे कैंसर से जूझ रहे बच्चों के लिए मंगलवार का दिन खुशी और उम्मीद से भरा रहा।
जबरवान पर्वत शृंखला की तलहटी में स्थित एशिया के सबसे बड़े ट्यूलिप उद्यान में आयोजित इस विशेष भ्रमण का उद्देश्य उपचार के बीच बच्चों का मनोबल बढ़ाना और उन्हें कुछ सुकून भरे पल देना था।
शेर-ए-कश्मीर आयुर्विज्ञान संस्थान (स्किम्स) के चार से 18 वर्ष की उम्र के बच्चे इस कार्यक्रम में शामिल हुए और रंग-बिरंगे फूलों के बीच उन्होंने खुशियां साझा कीं।
इस पहल की शुरुआत स्किम्स के निदेशक एम अशरफ गनी ने की। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव डालते हैं और उनके भावनात्मक संतुलन को बेहतर बनाते हैं। उन्होंने बताया कि इस तरह की गतिविधियां शरीर की जैविक प्रणाली पर भी सकारात्मक असर डालती हैं और उपचार के दौरान बच्चों की मानसिक स्थिति को मजबूत करती हैं।
कार्यक्रम से जुड़े एक चिकित्सक ने कहा कि यह केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि उपचार प्रक्रिया का हिस्सा है, जिससे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद मिलती है।
इस दौरान बच्चों के साथ चिकित्सा कर्मी और संस्थान के कर्मचारी मौजूद रहे, जिन्होंने उनकी सुरक्षा और सुविधा का ध्यान रखा।
जम्मू-कश्मीर के उद्यान विभाग ने इस कार्यक्रम में सहयोग करते हुए बच्चों के लिए नि:शुल्क प्रवेश और अल्पाहार की व्यवस्था की।
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