कोलकाता , अप्रैल 25 -- असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शनिवार को कहा कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसका परिणाम देश के सभी पूर्वोत्तर राज्यों की सुरक्षा पर प्रभाव डालेगा।
भाजपा के वरिष्ठ नेता बिस्वा सरमा ने कहा कि घुसपैठ जानी-मानी समस्या है, जो पश्चिम बंगाल को परेशान कर रही है। श्री सरमा ने कहा, "ये अवैध घुसपैठिये जो बेरोकटोक पश्चिम बंगाल की सीमा पार कर लेते हैं, वे अक्सर असम, त्रिपुरा और झारखंड जैसे पड़ोसी राज्यों में फैल जाते हैं। इसके बावजूद, तृणमूल कांग्रेस सरकार इस बारे में कुछ नहीं करती।"श्री सरमा के अनुसार, यह स्थिति देश की सुरक्षा, विशेष रूप से पूर्वोत्तर राज्यों की सुरक्षा को गंभीर खतरे में डालती है। उन्होंने कहा, "बंगाल की ममता बनर्जी सरकार अपनी वोट बैंक की राजनीति के कारण सीमा पर बाड़ लगाने (फेंसिंग) की परियोजना को जानबूझकर धीमा कर रही है।"उन्होंने बताया कि नियोजित 456 किलोमीटर के हिस्से में से केवल 77 किलोमीटर के लिए ही जमीन उपलब्ध करायी गयी है, जिससे पड़ोसी राज्यों की तुलना में प्रगति धीमी है, जहां बाड़ लगाने का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। आंकड़ों का हवाला देते हुए श्री सरमा ने कहा कि उत्तर दिनाजपुर और मालदा जैसे जिलों में मतदाताओं की संख्या में वृद्धि इसलिए हुई, क्योंकि बंगाल की तृणमूल सरकार ने घुसपैठियों को मतदान का अधिकार दे दिया था।
श्री सरमा ने कहा, " तृणमूल ऐसी पार्टी है, जो अपने फायदे के लिए घुसपैठियों और यहां तक कि सीमा पार तस्करी का सक्रिय रूप से समर्थन करती है।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि पिछले कुछ दशकों में पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती जिलों में जनसांख्यिकीय स्वरूप (डेमोग्राफिक पैटर्न) काफी बदल गया है और ऐसे क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या में भारी वृद्धि को सीमा पार घुसपैठ से जोड़ा।
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