नयी दिल्ली , मार्च 13 -- वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अधीन कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) ने असम से ब्रिटेन और इटली को भौगोलिक संकेत (जीआई) टैग वाले 25 टन जोहा चावल की पहली निर्यात खेप भेजने में सहायता की है।

वाणिज्य मंत्रालय की शुक्रवार को जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार जोहा चावल की यह खेप असम सरकार के कृषि विभाग के सहयोग से 12 मार्च को रवाना की गई।

असम की एक स्वदेशी सुगंधित किस्म, जोहा चावल को 2017 में भौगोलिक संकेत (जीआई) टैग प्राप्त हुआ। अपनी विशिष्ट सुगंध, महीन दानेदार बनावट और समृद्ध स्वाद के लिए जाना जाने वाला यह चावल घरेलू और अंतरराष्ट्रीय प्रीमियम बाजारों में पहचान अर्जित कर रहा है।

असम में, लगभग 21,662 हेक्टेयर क्षेत्र में जोहा चावल की खेती की जाती है, जिसका वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान अनुमानित उत्पादन लगभग 43,298 टन है। प्रमुख उत्पादक जिलों में नागांव, बक्सा, गोलपारा, शिवसागर, माजुली, चिरांग और गोलाघाट शामिल हैं, जो निर्यात विस्तार के साथ-साथ किसानों की आय बढ़ाने की प्रबल संभावना प्रदान करते हैं।

एपीडा जोहा चावल की वैश्विक उपस्थिति को सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रहा है। इससे पहले, प्राधिकरण ने जीआई-टैग वाले एक टन जोहा चावल के वियतनाम और दो टन को मध्य पूर्वी देशों - कुवैत, बहरीन, कतर, ओमान और सऊदी अरब में निर्यात की सुविधा प्रदान की थी।

असम सरकार के कृषि मंत्री अतुल बोरा ने असम सरकार की कृषि उत्पादन आयुक्त अरुणा राजोरिया (आईएएस), एआरआईएएस सोसाइटी के राज्य परियोजना निदेशक वीरेंद्र मित्तल (आईएएस), असम सरकार के कृषि निदेशक डॉ. उदय प्रवीण (आईएएस), एपीईडीए के अधिकारी सौरभ श्रीवास्तव, पादप संगरोध विभाग, कृषि विभाग और एपीडा क्षेत्रीय कार्यालय, गुवाहाटी के अधिकारियों की उपस्थिति में निर्यात खेप को झंडी दिखाकर रवाना किया।

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