पटना , जनवरी 15 -- बिहार के विधि एवं स्वास्थ्य मंत्री तथा पश्चिम बंगाल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रभारी मंगल पाण्डेय ने गुरूवार को कहा है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी के मामले में असत्य बोलकर बंगाल की जनता को गुमराह कर रही है।
श्री पाण्डेय ने आज आरोप लगाया कि ममता बनर्जी अपनी गैर संवैधानिक कार्यों जैसे जांच एजेंसी के काम में बाधा डालने के कुकृत्य को छुपाने के लिए पहले अदालत में हंगामा कराती हैं, फिर ईडी पर निराधार आरोप लगाकर अपना चेहरा बचाना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि सर्वाच्च न्यायालय ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, बंगाल के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) एवं पुलिस कमिश्नर को नोटिस जारी किया है। यह स्पष्ट है कि ममता सरकार ने ईडी की जांच में बाधा डाली है।
मंत्री श्री पाण्डेय ने बयान जारी कर कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने गुरुवार को सुनवाई के दौरान ममता बनर्जी पर ईडी के आरोपों को गम्भीर माना है। इसके पहले कलकत्ता उच्च न्यायालय ने ईडी मामले में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की तरफ से दायर याचिका को निष्पादित करते हुए यह स्पष्ट कर दिया है कि ममता बनर्जी की पार्टी असत्य का सहारा लेकर केंद्रीय जांच एजेंसी पर गलत आरोप लगा रही है। उन्होंने कहा कि टीएमसी आठ जनवरी को ईडी द्वारा कथित रूप से जब्त व्यक्तिगत एवं राजनीतिक डेटा के संरक्षण के लिए अदालत पहुंची थी, जबकि हकीकत है कि आई-पैक के ऑफिस और प्रतीक जैन के घर की तलाशी के दौरान ममता बनर्जी स्वयं वहां पहुंचीं और बंगाल पुलिस के आला अधिकारियों के सहयोग से सारे दस्तावेज एवं इलेक्ट्रॉनिक उपकरण उठाकर खुद अपने साथ ले गई थीं। सुश्री बनर्जी की यह गैर - संवैधानिक हरकत 2700 करोड़ से ज्यादा की मनी लॉन्ड्रिंग एवं कोयला घोटाले से जुड़ी है।
श्री पाण्डेय ने कहा कि ईडी की किसी जब्ती से इंकार करने के बावजूद सुश्री ममता बनर्जी अदालत को गुमराह करना चाह रही थी, लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने सरकारी कार्य में गैर कानूनी ढंग से बाधा डालने और जबरन साक्ष्य उठाकर ले जाने के मामले में नोटिस जारी कर जांच करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय की इस पहल से टीएमसी का फरेब एक बार फिर उजागर हो गया है।
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