नयी दिल्ली , फरवरी 02 -- केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को दक्षिण भारत में हाई-स्पीड रेल विकास के लिए एक व्यापक योजना की रूपरेखा पेश की।

श्री वैष्णव ने एक वर्चुअल प्रेस ब्रीफिंग में आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक के लिये शुरू की जा रही विभिन्न पहलों का विवरण दिया तथा यात्रियों, व्यवसायों और बुनियादी ढांचे के लिए इसके लाभों पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि ये परियोजनाएं यात्रा के समय को काफी कम करने, क्षेत्रीय अर्थव्यवस्थाओं को बढ़ावा देने और शहरों के बीच संपर्क को बढ़ाने में मददगार साबित होंगी।

रेल मंत्री ने घोषणा की कि हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के विकास से हैदराबाद और चेन्नई के बीच यात्रा का समय घटकर केवल 2 घंटे 55 मिनट रह जाएगा। उन्होंने कि आंध्र प्रदेश ने अपने रेलवे नेटवर्क का 100 प्रतिशत विद्युतीकरण हासिल कर लिया है और वर्तमान में 73 स्टेशनों का फिर से विकास किया जा रहा है। उन्होंने कहा, "हाल के दिनों में कई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है और अतिरिक्त विस्तार का काम चल रहा है।"श्री वैष्णव ने बताया कि आंध्र प्रदेश और ओडिशा से होकर गुजरने वाली कोलकाता-चेन्नई मार्ग को चार-लेन कॉरिडोर में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश सरकार के साथ समन्वय के साथ काम करने और समय पर धन मुहैया कराने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है ताकि परियोजना को जल्दी से पूरा किया जा सके।

रेल मंत्री ने बताया कि तेलंगाना को 5,454 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड आवंटन प्राप्त होगा, जो कांग्रेस सरकार के पिछले बजटों की तुलना में छह गुना अधिक है। राज्य में कुल परियोजना निवेश लगभग 48,000 करोड़ रुपये होगा। राज्य में हैदराबाद-चेन्नई, हैदराबाद-बेंगलुरु और हैदराबाद-पुणे तीन नई बुलेट ट्रेन लाइनें शुरू होने वाली हैं। इससे यात्रा काफी कम हो जाएगा। हैदराबाद-पुणे के बीच 1 घंटा 55 मिनट, हैदराबाद-चेन्नई के बीच 2 घंटे 55 मिनट और हैदराबाद-बेंगलुरु के बीच 2 घंटे में ही सफर तय हो जाएगा।

श्री वैष्णव ने बताया कि मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के सफल कार्यान्वयन से महत्वपूर्ण तकनीकी और परिचालन सीख मिली है। सभी नई हाई-स्पीड रेल लाइनें 350 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलेंगी और स्थानीय लोगों तथा खेती को बाधा नहीं पहुंचे इसलिए पूरी तरह से एलिवेटेड होंगी। उन्होंने बताया कि विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जा रही है।

रेल मंत्री ने बताया कि कर्नाटक को 7,748 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड रेलवे बजट मिलेगा तथा बेंगलुरु-हैदराबाद और बेंगलुरु-चेन्नई के लिए दो नई बुलेट ट्रेनें शुरू की जाएंगी। बेंगलुरु-चेन्नई की यात्रा घटकर केवल 1 घंटा 30 मिनट और बेंगलुरु-हैदराबाद की दो घंटे रह जाएगी। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं न केवल संपर्क में सुधार करेंगी बल्कि बेंगलुरु में विनिर्माण, आईटी सेवाओं को भी बढ़ावा देंगी।

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