दरभंगा , जनवरी 28 -- बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार अगले पांच वर्ष में एक करोड़ रोजगार और सरकारी नौकरी देने के प्रयास में दरभंगा में अशोक पेपर मिल की 280 एकड़ जमीन अधिग्रहित कर नये उधोगों की स्थापना करेगी।

श्री चौधरी ने आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा के दौरान दरभंगा जिले के नागेन्द्र झा स्टेडियम में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, बिजली और पानी की मजबूत बुनियाद खड़ी करने के बाद अब राज्य सरकार का पूरा फोकस रोजगार पर है, इसके लिए बिहार में उद्योग का जाल बिछाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि अगले पांच वर्षों में ऐसा बिहार बने, जहां से मजदूरी के लिए लोगों को पलायन नहीं करना पड़े। बिहार के लोगों को बिहार में ही रोजगार मिले। इसी कड़ी में अशोक पेपर मिल की 280 एकड़ जमीन सरकार अधिग्रहित कर नए उद्योगों की स्थापना करेंगी।

श्री चौधरी ने कहा कि बिहार को विकसित और समृद्ध बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने अपना खजाना खोल दिया है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से दरभंगा का तेजी से कायाकल्प हो रहा है। शहर के आधारभूत ढांचे के विकास से लेकर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) और हवाईअड्डा जैसी बड़ी परियोजनाएं धरातल पर उतर चुकी हैं। दरभंगा मेट्रो सेवा के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा रही है। उन्होंने ऐलान किया कि अगले एक साल में दरभंगा में अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डा भी चालू हो जाएगा।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2005 से पहले पटना से दरभंगा आने में सात घंटे का समय लगता था। उत्तर बिहार की नदियों और पुलों की स्थिति ऐसी थी कि गंगा पार करना भी चुनौती भरा होता था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में सड़कों के लिए हुए शानदार काम का परिणाम है कि आज पटना से दरभंगा की दूरी महज दो घंटे में तय की जा रही है। सुशासन और बेहतर कनेक्टिविटी की वजह से दरभंगा और आसपास के इलाकों में उद्योग लगाने की खूब मांग हो रही है।

श्री चौधरी ने कहा कि 2007-08 में नेपाल से एक लाख 92 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने से कोसी क्षेत्र के अधिकांश जिलों में भीषण बाढ़ आई थी, लेकिन योजनाबद्ध जल प्रबंधन और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के चलते 2024 में साढ़े छह लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बावजूद महज 156 गांव बाढ़ से प्रभावित हुआ। आज कोसी से चार लाख एकड़ भूमि सिंचित हो रही है। कोशी-मेची लिंक परियोजना, बांधों की ऊंचाई बढ़ाने और नियमित मरम्मत से बाढ़ का डर खत्म हुआ है।

उप मुख्यमंत्री श्री चौधरी ने कहा कि वर्ष 2005 से पहले शहरों में भी पांच घंटे बिजली नहीं मिलती थी, आज गांवों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति हो रही है। उन्होंने कहा कि 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने के फैसले से एक करोड़ 90 लाख उपभोक्ताओं में से एक करोड़ 70 लाख उपभोक्ताओं का बिजली बिल शून्य है। यह बदला हुआ बिहार है, जहां विकास का लाभ गरीब-अमीर, पक्ष-विपक्ष सभी को मिल रहा है।

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