रायपुर , मई 01 -- छत्तीसगढ़ सरकार सुशासन और पारदर्शिता के अपने संकल्प के अनुरूप कार्य करते हुए खनिजों के अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर सख्ती से अमल कर रही है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि राजस्व क्षति और अवैध गतिविधि से जुड़े किसी भी मामले में कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। साथ ही उन्होंने आम लोगों को उचित दरों पर रेत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर खनिज विभाग लगातार सक्रिय है और समय-समय पर इसकी समीक्षा भी की जा रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री के सचिव सह खनिज विभाग के सचिव पी. दयानंद ने 30 अप्रैल 2026 को प्रदेश में रेत आपूर्ति करने वाले प्रमुख 11 जिलों-रायपुर, बिलासपुर, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, सक्ती, महासमुंद, गरियाबंद, धमतरी, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-बैकुंठपुर, बलरामपुर और कांकेर-के कलेक्टरों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक लेकर खदानों के संचालन की गहन समीक्षा की।

बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि प्रदेश में रेत की आपूर्ति में किसी भी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। सभी स्वीकृत रेत खदानों से उनकी क्षमता के अनुरूप उत्पादन सुनिश्चित किया जाए और आम जनता को रेत उचित दरों पर उपलब्ध हो। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को रॉयल्टी मुक्त रेत उपलब्ध कराने के आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि इसकी आड़ में अवैध खनन को बढ़ावा न मिले।

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