भुवनेश्वर, एक मई (वार्ता) ओडिशा सरकार ने देश के सबसे बड़े एल्युमीनियम उत्पादक, वेदांता एल्युमीनियम लिमिटेड के झारसुगुड़ा स्थित संयंत्र पर बिना इजाजत के नदी का पानी इस्तेमाल के मामले में जुर्माना लगाया है।

राज्य सरकार के जल संसाधन विभाग ने कंपनी अधिकारियों को नदी से अनुचित तरीके से पानी लेने के काम को तुरंत रोकने का निर्देश देते हुए कहा है कि ऐसे कामों से स्थानीय समुदाय के अधिकारों और संसाधनों पर खराब असर पड़ता है। बुर्ला सिंचाई प्रभाग के अधीक्षण अभियंता के जारी एक नोटिस में कहा गया है, "पानी को अनधिकृत तौर पर निकालने के लिए जुर्माना लगाया जाता है, जिसे एक महीने की निर्धारित समय अवधि के भीतर जमा करना होगा। निर्देशों का पालन न करने पर ओडिशा सिंचाई अधिनियम और नियम 1959 एवं 1961 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।"विभाग के अनुसार उसकी अनुमति के बिना और बिना फ्लो मीटर के खेरुवाल क्रीक (भेडेन नदी) से अवैध रूप से पानी निकाला गया है। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि लोगों से मिलीं शिकायतों के आधार पर की गई विभागीय जांच में प्रथम दृष्टया ओडिशा सिंचाई अधिनियम के नियमों का घोर उल्लंघन पाया गया है।

झारसुगुड़ा जिले की जिला स्तरीय राजस्व समीक्षा बैठक के निर्णय के अनुसार, उक्त स्थल का दौरा किया गया। फील्ड सत्यापन में साफ पता चला कि कंपनी बिना उचित अनुमति के नदी से अवैध रूप से पानी निकालना जारी रखे हुए है। विभाग के नोटिस के अनुसार, इस अवैध गतिविधि को तत्काल रोकने का निर्देश दिया गया है।

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