अलवर, 20 अप्रैल (वार्ता) राजस्थान में अलवर जिले के कठूमर उपखंड क्षेत्र में खनन माफियाओं ने वन विभाग के दल पर हमला कर वन रक्षक से मारपीट करके उसका मोबाइल फोन, सरकारी आई-कार्ड और नकदी लूट ली।

प्राप्त जानकारी के अनुसार कठूमर इलाके के नांगल सहाड़ी गांव में अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंचे वन विभाग के दल पर खनन माफियाओं ने जानलेवा हमला कर दिया। आरोपियों ने न केवल राजकार्य में बाधा डाली, बल्कि वन रक्षक से मारपीट करके उसका मोबाइल फोन, सरकारी आई-कार्ड और नकदी लूट ली। ट्रैक्टर चालक को जबरन छुड़ा कर ले गए। इस घटना में दल के सदस्यों के कपड़े फट गए। वन विभाग के दल की पहले भी इन्हीं खनन माफियाओं से मुठभेड़ हो चुकी है।

क्षेत्रीय रेंजर रवि सिंह भाटी ने सोमवार को बताया कि मुखबिर से सूचना मिली कि नांगल सहाड़ी गांव में दो खनन माफिया श्याम वीर गुर्जर और उसका भाई सतवीर गुर्जर काफी लंबे समय से खनन काम में लगे हुए है। जैसे ही ट्रैक्टर ट्रॉली आती दिखाई दी तो वन विभाग के दल ने उसे रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक श्याम वीर गुर्जर ट्रैक्टर ट्रॉली को धौलागढ़ इमरती का बास की तरफ भगा ले गया। दल ने पीछा कर उसे पकड़ लिया। इसी दौरान आरोपी ने अपने साथियों को बुला लिया। कुछ ही देर में उसका भाई सतवीर गुर्जर समेत चार पांच लोग मौके पर पहुंचे और वन विभाग दल पर ईंट-पत्थरों से हमला बोल दिया और खेत में ही ट्रॉली को वही खाली कर दिया।

इस मामले की वीडियो बना रहे वन रक्षक रामवीर सिंह के साथ आरोपियों ने धक्का-मुक्की की और उसका मोबाइल, आई-कार्ड एवं नकदी छीनकर ट्रैक्टर-ट्रॉली सहित फरार हो गए। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है।

वन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि नांगल सहाड़ी गांव अवैध खनन के लिहाज से बेहद संवेदनशील क्षेत्र है, जहां सक्रिय गिरोह आपसी सूचना तंत्र के जरिए विभाग के दलों को घेर लेते हैं। आरोपियों के पास अवैध हथियार होने और कथित राजनीतिक संरक्षण के चलते वे बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में संबंधित थाना में मामला दर्ज करा दिया है।

इधर, धोलागढ़ थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकारी कर्मचारी पर हमला, लूटपाट और राजस्थान वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

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