नयी दिल्ली , फरवरी 05 -- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कांग्रेस समेत पूरे विपक्ष पर देश को भ्रमित करने का आरोप लगाते हुए गुरुवार को कहा कि एक ओर दुनिया तेजी से बढ रही भारतीय अर्थव्यस्था के साथ जुड़ना चाह रही है वहीं दूसरी ओर कांग्रेस देश को पीछे ले जाने वाली अपनी अतीत की सोच में फंसी हुई है और जनता को गुमराह कर रही है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत दुनिया में अवसरों के काफिले का नेतृत्व कर रहा है और दुनिया के सभी बड़े देश उसमें जुड़ना चाहते हैं जबकि कांग्रेस के समय में यह कहा जाता था कि भारत से अवसरों की बस मिस यानी छूट गयी है। श्री मोदी ने कहा कि कांग्रेस के समय में कहा जाता था कि भारत बस मिस कर गया है लेकिन आज भारत काफिले का नेतृत्व कर रहा है। उन्होंने कहा कि हम भविष्य के साथ वर्तमान को भी उज्जवल बना रहे हैं। उन्होंने कहा," हम दिशा तय करके बजट बनाकर चलते है। हमारा लक्ष्य चुनाव नहीं है बल्कि 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य है। चुनाव आयेंगे जायेंगे। हम युवा पीढी को विकसित भारत सौंपने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं।"श्री मोदी ने कहा कि देश हर क्षेत्र में नये संकल्प और सिद्धि लेकर चल रहा है एआई के क्षेत्र में हम देश को आगे बढा रहे हैं, महत्वपूर्ण खनिज में हम भीख नहीं मांगेंगे । इसलिए दुनिया कह रही है कि भारत ने सही दिशा पकडी है और दुनिया को लगता है कि हम से यह बस मिस नहीं हो जाये। उन्होंने कहा कि आने वाला समय भारत और नौजवानों के लिए अवसर से भरा पड़ा है।
उन्होंने कहा कि आर्थिक सुधारों और जनता की सहभागिता से भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढने वाली अर्थव्यवस्था है , महंगाई कम है और वह दुनिया के लिए आशा की एक किरण बन गया है जबकि कांग्रेस मोदी की कब्र खोदने के नारों में उलझी हुई है। उन्होंने कहा ," हम विकसित भारत की जमीन मजबूत कर उसे ताकत दे रहे हैं, देश के युवाओं की जमीन मजबूत कर रहे हैं और कांग्रेस मोदी की कब्र खोदने में लगी है। जो देश के नागरिक की कब्र खोद रहे हैं क्या यह संविधान और लोकतंत्र का अपमान नहीं है। इस प्रकार के संस्कार से पले बढे लोग हैं ये ।"प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों से हमारी ऊर्जा का बड़ा भाग दुनिया में कांग्रेस द्वारा अपने शासन में बनाई गयी भारत की छवि को साफ करने में लग रहा है।
श्री मोदी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर राज्यसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कांग्रेस के जमाने में योजनाओं के क्रियान्वयन में देरी , बैंकों से रसूख और फोन के आधार पर अरबों रुपये के रिण , विदेशी सौदों में भ्रष्टाचार और सार्वजनिक उपक्रमों की बदहाली जैसे मुद्दों पर मुख्य विपक्षी दल की तीखी आलोचना की।
कांग्रेस और कुछ विपक्षी दलों के बहिर्गमन के बीच प्रधानमंत्री के करीब पौने दो घंटे के जवाब के बाद सदन ने अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर विपक्षी सदस्यों के सभी संशोधन प्रस्तावों को खारिज करते हुए उसे ध्वनिमत से पारित कर दिया। लोकसभा इस प्रस्ताव को पहले ही पारित कर चुकी है।
श्री मोदी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण के दौरान विपक्ष के हंगामे को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला और कहा कि लोगों का अपमान करना उसकी आदत है और उन्होंने देश की राष्ट्रपति का भी अपमान किया है। अभिभाषण के दौरान व्यवधान को उन्होंने संविधान और लोकतंत्र का भी अपमान बताया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार के कामों से कांग्रेस हताश है और इसलिए वह 'मोदी की कब्र खोदने ' के नारे लगा रही है। उन्होंने कहा कि उन्हें देश की 140 करोड़ जनता का आर्शिवाद रूपी कवच मिला है।
उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन को एक महत्वपूर्ण कारक बताते हुए कहा कि उनकी ओर कांग्रेस की पिछली सरकारों के बीच जमीन आसमान का अंतर है। इसी संदर्भ में सरदार सागर नर्मदा बांध परियोजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इसकी कल्पना उनके जन्म से पहले सरदार पटेल ने की थी और दशकों तक लटके रहने के बाद इसका उद्वघाटन प्रधानमंत्री के तौर पर उन्होंने किया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से जुड़े एक आख्यान का हवाला देते हुए कहा कि खुद श्रीमती गांधी को हिमाचल प्रदेश में एक परियोजना के लिए योजना आयोग से संघर्ष करना पड़ा था। श्री मोदी ने कहा कि बावजूद इसके कांग्रेस के समय योजना आयोग की कार्य शैली में सुधार को कोई कदम नहीं उठाया गया और उन्हेांने 2014 योजना आयोग को खत्म कर नीति आयोग का गठन किया। श्री मोदी ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस के समय की परियोजनाओं सहित सभी लंबित परियोजनाओं को पूरा करने के लिए प्रगति मंच की शुरूआत की और इससे 85 लाख करोड़ रूपये की परियोजना के काम में तेजी लाई गयी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस केवल वोट बैंक के लिए कल्पना के आधार पर घोषणा करती है और हम चुनाव नहीं बल्कि देश को प्रथम मानते हुए परियोजनाओं को समय से पहले पूरा करते हैं। इस संदर्भ में उन्होंने सौर ऊर्जा तथा पेट्रोल में इथेनाल मिश्रण के लक्ष्यों को समय से पहले पूरा किया है।
श्री मोदी ने श्रीमती गांधी की ईरान यात्रा के एक वाक्ये का उल्लेख किया । उन्होंने कहा कि जब श्रीमती गांधी से पूछा गया कि उनके सामने कितनी समस्या है तो उन्होंने बताया कि उनके पिता से जब यह सवाल किया गया था उनका जवाब 35 करोड़ था जो उनके समय की भारत की आबादी थी । श्री मोदी ने कहा कि इसके बाद श्रीमती गांधी की अब उनकी समस्या 57 करोड़ है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस देशवासियों को समस्या मानती है और हमारा मानना है कि आज हमारे पास 140 करोड समाधान हैं।
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