पटना , जनवरी 25 -- राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने रविवार को कहा कि मौजूदा दौर में बिहार ही नहीं, बल्कि देश और दुनिया तानाशाही, हिंसा, साम्राज्यवाद और सामंतवाद से जूझ रही है जो समानता और मानवता में विश्वास रखने वालों के लिये एक बड़ी अग्निपरीक्षा है।

राजद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष चुने जाने के बाद उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि सत्य चाहे जितना परेशान हो, अंत में उसकी ही विजय होती है और अब वही दौर शुरू हो चुका है।

नेता प्रतिपक्ष श्री यादव ने कहा कि राष्ट्रीय जनता दल के कार्यकर्ता अन्याय, हिंसा, उन्माद, शोषण, अत्याचार, तानाशाही, भेदभाव, ऊंच-नीच और गैर-बराबरी जैसी कुरीतियों के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष करते रहेंगे। उन्होंने सांप्रदायिक ताकतों से मुकाबले का आह्वान करते हुये कहा कि बिहार जेपी, कर्पूरी ठाकुर और लालू प्रसाद यादव के आंदोलनों की धरती रही है और इस परंपरा को आगे बढ़ाया जायेगा।

उन्होंने कहा कि यह देश गांधी का देश है। हम मिलकर लड़ेंगे, मिलकर भिड़ेंगे और मिलकर जीतेंगे। बिहार, देश और दुनिया को अवसरवादी ताकतों के चंगुल से मुक्त कराकर ही दम लेंगे।

कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाये जाने पर तेजस्वी प्रसाद यादव ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद के प्रति आभार व्यक्त करते हुये कहा कि वे उनके सानिध्य, मार्गदर्शन और निर्देशों के ऋणी हैं।

उन्होंने पार्टी के संस्थापक सदस्यों के त्याग, साहस और निडरता को नमन किया और कहा कि राजद की स्थापना का मूल उद्देश्य गरीब, दलित, शोषित, पीड़ित, पिछड़े और वंचित वर्गों को बराबरी, न्याय और अधिकार दिलाना था और यही उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने लोहिया जी की नीतियों, जननायक कर्पूरी ठाकुर के विचारों, लोकनायक जयप्रकाश नारायण के सिद्धांतों और डॉ भीमराव अंबेडकर के संविधानिक मार्ग पर चलने की प्रतिबद्धता दोहराई।

नेता प्रतिपक्ष श्री यादव ने कहा कि वे ज्योतिबा फुले से प्रेरणा लेते हुये बिहार में गैर- बराबरी, अशिक्षा, बेरोजगारी और गरीबी के खिलाफ जीवन भर संघर्ष करते रहेंगे। गांधी जी की अहिंसा, समाजवादी विचारधारा, सुभाष चंद्र बोस का साहस, भगत सिंह का जोश और सरदार वल्लभभाई पटेल की दृढ़ता को आत्मसात करते हुये बिहार को प्रगति, समरसता, भाईचारा और मानवीयता के रास्ते पर आगे बढ़ाने का संकल्प उन्होंने दोहराया।

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