चेन्नई , फरवरी 10 -- ऑल इंडिया एसोसिएशन फॉर क्रिश्चियन हायर एजुकेशन (एआईएसीएचई) और चेन्नई स्थित महिला क्रिश्चियन कॉलेज (डब्ल्यूसीसी) ने अल्पसंख्यक संस्थानों के अधिकारों को सुदृढ़ करने के लिए तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन का आभार व्यक्त किया है।

यहां डब्लूसीसी परिसर में मंगलवार को आयोजित धन्यवाद कार्यक्रम में श्री स्टालिन ने शैक्षणिक संस्थानों और सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए आरक्षण का उल्लेख करते हुए कहा कि ऑटो, विनिर्माण, एयरोस्पेस तथा आईटी जैसे विभिन्न क्षेत्रों में फैले उद्योगों के कारण तमिलनाडु में कार्यबल में महिलाओं की संख्या सबसे अधिक है।

डब्लूसीसी की प्रधानाचार्या डॉ. लिलियन आई. जैस्पर ने सरकारी योजनाओं की सराहना की और पूर्व छात्राओं की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सरकारी पहलों के बिना यह संभव नहीं होता। विभिन्न अल्पसंख्यक संस्थानों के प्रधानाचार्यों और एआईएसीएचई के प्रतिनिधियों ने सरकारी आदेश पांच में संशोधन कर अल्पसंख्यकों के संवैधानिक अधिकारों को बहाल करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। इस संशोधन से 350 से अधिक संकाय सदस्यों को नियुक्ति में लाभ लाभ मिलेगा।

श्री स्टालिन ने विद्यार्थियों को उनकी सरकार की प्रमुख योजनाओं से मिलने वाले लाभों को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि 'पुधुमई पेन योजना' (मूवलूर रामामिरथम अम्मयार उच्च शिक्षा आश्वासन योजना) के कार्यान्वयन से कॉलेजों में महिलाओं के नामांकन में 34 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है और लगभग 8 लाख महिलाएं इस योजना से लाभान्वित हुई हैं।

मुख्यमंत्री ने अपने 'ड्रीम प्रोजेक्ट' 'नान मुधलवन योजना' के माध्यम से एक छात्रा की उपलब्धि का गर्व से उल्लेख किया जो जापानी भाषा में अच्छी तरह से बातचीत कर सकती है और जापान में अपना करियर शुरू करने की तैयारी में है। उन्होंने शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए दोहराया कि जीत का कोई शॉर्टकट नहीं होता, केवल कड़ी मेहनत ही सफलता की ओर ले जाती है। उन्होंने कहा कि महिलाएं सुंदर होती हैं, लेकिन शिक्षा उनकी सुंदरता में और निखार लाती है।

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