पटना , दिसंबर 11 -- बिहार की राजधानी पटना स्थित केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की एक विशेष अदालत ने बहुचर्चित अलकतरा घोटाले के एक मामले में शुक्रवार को एक तत्कालीन कार्यपालक अभियंता को एक वर्ष सश्रम कारावास तथा दस हजार जुर्माना और एक ट्रांसपोर्टर को 3 वर्षों तक सश्रम कारावास के साथ एक लाख पचास हजार रुपए तक का जुर्माना किया है।
सीबीआई के विशेष न्यायाधीश सुनील कुमार ने मामले में सुनवाई के बाद बांका रोड डिविजन के तत्कालीन कार्यपालक अभियंता बैकुंठ शर्मा और तिरुपति ट्रांसपोर्ट के मालिक सुरेश कुमार गुप्ता को भारतीय दंड विधान और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की विभिन्न धाराओं में दोषी करार देने के बाद यह सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी तत्कालीन कार्यपालक अभियंता बैकुंठ शर्मा को एक वर्ष के सश्रम कारावास की सजा के साथ दस हजार रूपए का जुर्माना भी किया है। जुर्माने की राशि अदा नहीं करने पर दोषी को दो माह के कारावास की सजा अलग से भुगतनी होगी। दूसरी ओर अदालत ने ट्रांसपोर्टर सुरेश कुमार गुप्ता को तीन वर्षों के सश्रम करावास की सजा के साथ एक लाख पचास हजार रूपयों का जुर्माना भी किया है। जुर्माने की राशि अदा नहीं करने पर दोषी को दो माह के कारावास की सजा अलग से भुगतनी होगी।
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