पटना , फरवरी 07 -- केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) पटना की एक विशेष अदालत ने करोड़ों रूपयों के बहुचर्चित अलकतरा घोटाले के एक मुख्य मामले में शनिवार को जहां एक ओर एक ट्रांसपोर्टर को आठ माह के सश्रम कारावास की सजा के साथ पचास हजार रुपए का जुर्माना भी किया, वहीं दूसरी ओर इसी मामले में राज्य के पूर्व पथ निर्माण मंत्री मोहम्मद इलियास हुसैन समेत 17 अभियुक्तों को बरी कर दिया।
सीबीआई के विशेष न्यायाधीश सुनील कुमार ने मामले में सुनवाई के बाद कोलकाता के एक ट्रांसपोर्टर कृष्ण कुमार केडिया को भारतीय दंड विधान की विभिन्न धाराओं में दोषी करार देने के बाद यह सजा सुनाई है। इस मामले में अदालत ने पूर्व पथ निर्माण मंत्री मोहम्मद इलियास हुसैन, उनके निजी सचिव मोहम्मद शहाबुद्दीन बेग, तत्कालीन पथ निर्माण विभाग के आयुक्त सह सचिव डी पी महेश्वरी समेत अन्य 17 अभियुक्तों को पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया ।
यह मामला बिहार सुपौल जिले के पथ निर्माण विभाग में करीब एक करोड़ नौ लाख रुपए के 2166 मैट्रिक टन अलकतरा के घोटाले का था ।आरोप के अनुसार ट्रांसपोर्टर ने वर्ष 1992 से 1996 के बीच छह आपूर्ति आदेश के अनुसार हल्दिया से अलकतरा का उठाव किया था लेकिन 2166 मैट्रिक टन अलकतरा की कम आपूर्ति की थी। इस मामले में 28 लोगों के खिलाफ आरोप का गठन किया गया था, जिनमें से सुनवाई के दौरान 10 लोगों की मृत्यु हो गई । सीबीआई ने इस मामले में आरोप साबित करने के लिए 25 गवाहों का बयान अदालत में कलम बंद करवाया था । मामले की प्राथमिकी आर सी 32 ए / 1997 के रूप में दर्ज की गई थी।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित