इटानगर , दिसंबर 28 -- राष्ट्रीय पनबिजली ऊर्जा कॉर्पोरेशन (एनएचपीसी) ने 2000 मेगावॉट की सुबनसिरी निचली पनबिजली परियोजना (एसएलएचईपी) को शुरू करने की दिशा में बड़ी सफलता हासिल करते हुए इकाई-3 का जलीय परीक्षण शुरू कर दिया है।

यह उपलब्धि इस इकाई के सफल मशीनी परीक्षण के बाद हासिल हुई, जो देश की सबसे बड़ी पनबिजली परियोजना की तीसरी इकाई की परीक्षण गतिविधियों की औपचारिक शुरुआत का संकेत है।

हाइड्रोपावर कंपनी ने रविवार को एक बयान में कहा, "एनएचपीसी के लिए गर्व और नई गति लाने वाले पल में, 2000 मेगावाट सुबनसिरी लोअर हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट की यूनिट-3 (250 मेगावाट) का वेट कमीशनिंग 27 दिसंबर को मशीन के सफल मैकेनिकल रन के साथ शुरू हुआ। यह देश के सबसे बड़े हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की तीसरी यूनिट के कमीशनिंग की शुरुआत है।"इस अवसर पर एनएचपीसी के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक भूपेंद्र गुप्ता ने विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार, अरुणाचल प्रदेश और असम सरकार, पूर्व एनएचपीसी नेतृत्व, कार्यकारी एजेंसियों, परियोजना के भागीदारों और सुबनसिरी लोअर परियोजना से जुड़े सभी हितधारकों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस उपलब्धि को एनएचपीसी की इंजीनियरिंग उत्कृष्टता, दृढ़ता और सहयोगात्मक प्रयास का प्रमाण बताया। उन्होंने स्वच्छ, हरित और आत्मनिर्भर ऊर्जा के भारत के दृष्टिकोण की दिशा में एक शक्तिशाली योगदान बताया।

अब इस परियोजना में शेष पांच इकाइयों का एक-एक करके परीक्षण कर प्रयोग शुरू किया जायेगा। पूरा होने पर सुबनसिरी पनबिजली परियोजना (8x250 मेगावाट) भारत का सबसे बड़ा पनबिजली ऊर्जा प्रोजेक्ट होगा। यह ग्रिड की स्थिरता बढ़ाने, कार्बन उत्सर्जन कम करने और देश की बढ़ती ऊर्जा ज़रूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगा।

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