ईटानगर , फरवरी 04 -- अरुणाचल प्रदेश के वन एवं पर्यावरण मंत्री वांगकी लोवांग ने बुधवार को पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की।
यह बैठक मेहाओ वन्यजीव अभयारण्य के तहत मायोडिया क्षेत्र में बाघ के हमले में एक पुलिसकर्मी की मौत के बाद आयोजित की गई।
रिपोर्टों के अनुसार, रोइंग पुलिस स्टेशन में हेड कांस्टेबल (डब्ल्यूटी) के रूप में कार्यरत चाउ चिकसेंग मानपांग की दिबांग घाटी जिले के मायोडिया क्षेत्र में बाघ हमले में जान चली गयी थी। वह नामसाई जिले के मनफईसेंग गांव के रहने वाले थे।
बताया गया है कि पुलिसकर्मी ड्यूटी के बाद मोटरसाइकिल से रोइंग लौट रहे थे। उनका क्षत-विक्षत शव मंगलवार को मायोडिया इलाके से बरामद किया गया।
इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए मंत्री लोवांग ने गहरा दुख व्यक्त किया और शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त की।
मंत्री ने कहा कि विभाग ने स्थिति से निपटने और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई उपाय शुरू किए हैं। इनमें प्रभावित क्षेत्र में विशेषज्ञ पशु चिकित्सा टीमों और वन्यजीव विशेषज्ञों की तैनाती, जमीनी स्तर पर सहायता के लिए फील्ड स्टाफ के साथ विशेष बाघ संरक्षण बल (एसटीपीएफ) के गार्डों की तैनाती की गयी है। साथ ही स्थिति की निरंतर निगरानी के लिए एक तकनीकी विशेषज्ञ समिति का भी गठन किया गया है।
श्री लोवांग ने बताया कि राष्ट्रीय वन्यजीव प्रबंधन प्रोटोकॉल के सख्त पालन के साथ जानवर को सुरक्षित पकड़ने और उसके पुनर्वास की अनुमति दे दी गई है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित