ईटानगर , फरवरी 02 -- सात महाद्वीपों की सर्वोच्च चोटियों को फतह करने के अपने महत्वाकांक्षी "सात शिखर पर्वतारोहण" अभियान को आगे बढ़ाते हुए अरुणाचल प्रदेश की पर्वतारोही सुश्री काबक यानो ने दक्षिण अमेरिका की सबसे ऊंची चोटी माउंट अकॉन्कागुआ को सफलतापूर्वक फतह कर लिया है। उन्होंने एक फरवरी (रविवार) को यह उपलब्धि हासिल की।

अर्जेंटीना स्थित माउंट अकॉन्कागुआ समुद्र तल से 22,831 फीट की ऊंचाई पर स्थित है और यह न केवल दक्षिण अमेरिका बल्कि पूरे पश्चिमी गोलार्ध की सबसे ऊंची चोटी है। इसे दुनिया की सबसे चुनौतीपूर्ण पर्वत चढ़ाइयों में से एक माना जाता है, जहां अनुभवी पर्वतारोहियों की भी कड़ी परीक्षा होती है।

इस उपलब्धि पर अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) के. टी. परनायक ने सोमवार को सुश्री यानो को बधाई दी। उन्होंने सुश्री यानो की अदम्य इच्छाशक्ति, साहस और अटूट संकल्प की सराहना करते हुए कहा कि यह सफलता न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि राज्य के युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा भी है।

राज्यपाल ने कहा कि सुश्री यानो की यात्रा यह स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि अनुशासन, निरंतर प्रयास और आत्मविश्वास के बल पर सबसे कठिन चुनौतियों को भी पार किया जा सकता है। उन्होंने युवाओं में खेल और साहसिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए विश्वास जताया कि सुश्री यानो की उपलब्धियां अरुणाचल प्रदेश के और अधिक युवाओं को पर्वतारोहण और अन्य साहसिक खेलों की ओर प्रेरित करेंगी।

गौरतलब है कि राज्यपाल के. टी. परनायक ने 28 जुलाई को ईटानगर के लोक भवन से सुश्री यानो के सात शिखर अभियान को औपचारिक रूप से रवाना किया था। इस अवसर पर राज्य के खेल एवं युवा मामले मंत्री केंतो जिनी भी उपस्थित थे। सुश्री यानो अरुणाचल प्रदेश की गौरवशाली एवरेस्ट विजेताओं में शामिल हैं। इससे पहले भी वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुकी हैं। उन्होंने 4 अगस्त 2025 को अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो और 16 अगस्त 2025 को यूरोप की सर्वोच्च चोटी माउंट एल्ब्रस को सफलतापूर्वक फतह किया था।

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