जयपुर , दिसंबर 29 -- राजस्थान में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने अरावली पर्वतमाला के संबंध में उच्चत्तम न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हुए इसे जनता के सामूहिक संघर्ष और पर्यावरण की बड़ी जीत करार दिया है।
श्री जूली ने सोमवार को अपने बयान में न्यायालय का आभार जताया। उन्होंने कहा, " अरावली राजस्थान के मस्तक का तिलक है, यह हमारी अस्मिता और सुरक्षा का कवच है। लेकिन बड़े दुर्भाग्य की बात है कि भाजपा सरकार की नाक के नीचे खनन माफिया इस तिलक को मिटाकर इसे अपने पैरों की धूल बनाने पर आमादा है। "उन्होंने कहा कि अलवर में 'अरावली बचाओ जन-जागरण अभियान' के तहत पैदल मार्च और संघर्ष अलवर की सड़कों पर हुआ और प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी कांग्रेस समेत सभी जागरूक लोग अपने- अपने स्तर पर आक्रोश व्यक्त कर रहे थे।
श्री जूली ने कहा कि अरावली हमारे लिए केवल पहाड़ नहीं, बल्कि मां के समान है। अरावली मां का सौदा करने वालों को अलवर और राजस्थान की जनता कभी माफ नहीं करेगी। उन्होंने कहा, " हमारा संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक अरावली पूर्णतः सुरक्षित और संरक्षित नहीं हो जाती। हमें पूर्ण विश्वास है कि आने वाले दिनों में उच्चत्तम न्यायालय से इस संबंध में एक ऐतिहासिक और अंतिम निर्णय आएगा।"उन्होंने कहा कि सरिस्का को हर कीमत पर बचाया जाएगा एवं इसका सौदा करने वालों के खिलाफ लोहा लिया जाएगा। उन्होंने सरिस्का को अलवर का ताज बताते हुए कहा कि इसे किसी भी कीमत पर बर्बाद नहीं होने देंगे।
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