अलवर , दिसम्बर 26 -- राजस्थान के वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा ने राजस्थान सहित चार राज्यों में स्थित अरावली पर्वतमालाओं को लेकर विपक्ष पर विधवा विलाप करने का आरोप लगाते हुए कहा कि अरावली को सबसे ज्यादा नुकसान कांग्रेस सरकारों के दौरान हुआ।
श्री शर्मा ने अलवर में गुरुवार को एक कार्यक्रम में शरीक होने बाद पत्रकारों से कहा कि केन्द्र और राजस्थान सरकार अरावली को संरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है। अब अवैध खनन पर रोक लगेगी, इसलिए विपक्ष पूरी तरह विधवा विलाप कर रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने वर्ष 2002 में खनन को लेकर जो योजना बनायी थी और 2010 में जो आदेश था, उच्चतम न्यायालय में वह अब भी विचाराधीन है। कांग्रेस के शासनकाल में राजस्थान के अरावली पहाड़ियों में बंदर बांट की गयी थी, और यह बंदरबांट भी इस नियम के तहत की गयी।
श्री शर्मा ने कहा कि अरावली की पहाड़ियों की ऊंचाई 100 मीटर का भ्रम फैलाया जा रहा है। अरावली की पहाड़ियां दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात के 29 जिलों में जाती हैं, जिनमें 19 जिले राजस्थान में आते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राजस्थान सरकार अरावली के संरक्षण को लेकर प्रतिबद्ध है। गत दिनों उदयपुर में अरावली पर्वतमालाओं के संरक्षण को लेकर श्री मोदी के निर्देश पर एक सम्मेलन आयोजित किया गया था, जिसमें केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव सहित वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और अरावली पर्वतमालाओं से प्रभावित जिलों के प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) मौजूद थे। इसमें अरावली को पूरी तरह संरक्षित करने के लिए एक योजना तैयार की गयी थी।
श्री शर्मा ने बताया कि वर्तमान में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने वर्ष 2025-26 के बजट में वन विभाग को 260 करोड़ रुपये स्वीकृत किये, जिसमें पौधारोपण, आवश्यकता के अनुसार चार दीवारी, पानी के लिए टैंक या हौज और जो नदियां लुप्त हो गयी हैं, उनके उद्गम को पुनर्जीवित करने के लिए यह बजट आवंटित किया गया।
उन्होंने कहा कि अरावली पर्वतमालाओं से प्रभावित सभी सरकाराें और केन्द्र सरकार ने अरावली के पहाड़ों को संरक्षित करने के लिए अलग-अलग बजट दिया है। श्री मोदी, श्री यादव और श्री शर्मा खुद अरावली को संरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
श्री शर्मा ने कहा कि कांग्रेस के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के वर्ष 2008 से 13 तक के कार्यकाल के दौरान अलवर के तिजारा विधानसभा से विधायक और मंत्रिमंडल में चिकित्सा मंत्री रहे दुरू मियां ने सार्वजनिक मंच से कहा था कि अगर अवैध खनन रोका गया, तो वह खुद यह अपराध करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता ही सबसे ज्यादा अवैध खनन में लिप्त हैं। उस दौरान तिजारा उपखंड क्षेत्र में सबसे ज्यादा अवैध खनन होता था। रात्रि में हजारों की संख्या में डंपर निकलते थे और वह विरोध करने पर किसी को मारने से भी नहीं चूकते थे।
श्री शर्मा ने कहा कि विपक्ष द्वारा अरावली बचाओ का अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने आश्चर्य व्यक्त किया कि गत दिनों सर्व समाज के बैनर तले जो रैली निकाली गयी थी, उसमें जो अगुवाई कर रहे थे, वे अवैध खनन में सबसे ज्यादा सक्रिय भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा और उच्चतम न्यायालय द्वारा अरावली की नयी परिभाषा के तहत अब अवैध खनन नहीं हो सकेगा और न ही लीज दी जा सकेगी। इस मामले में राजस्थान सरकार और भारत सरकार पूरी तरह अवैध खनन को लेकर सख्त कार्रवाई करेगी।
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