अम्बिकापुर , मार्च 20 -- छत्तीसगढ़ में सरकारी राजस्व से जुड़े चालान अब भौतिक रूप में जमा नहीं किए जाएंगे। संचालनालय कोष एवं लेखा रायपुर के निर्देशानुसार पारंपरिक भौतिक चालान व्यवस्था समाप्त करते हुए ई-चालान पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन प्रणाली लागू कर दी गई है।
नई व्यवस्था की जानकारी देने के उद्देश्य से जिला कोषालय सरगुजा द्वारा गुरुवार को को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई।
जिला जनसंपर्क अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि कार्यशाला में जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को ओटीसी (ओवर द काउंटर) चालान जमा करने की नई प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया गया। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों ने जानकारी दी कि ई-चालान पोर्टल के माध्यम से चालान जनरेट करने पर उसकी जानकारी स्वतः ही संबंधित बैंक तक ऑनलाइन पहुंच जाती है। इससे बैंक स्तर पर दोबारा चालान की प्रविष्टि करने की आवश्यकता नहीं रहती। बैंक काउंटर पर केवल ऑनलाइन जनरेट किए गए चालान की प्रविष्टि कर राशि जमा की जाती है, जिससे पूरी प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बन जाती है।
प्रशिक्षण में बताया गया कि ई-चालान पोर्टल पर चालान बनाने के लिए जमाकर्ता को सबसे पहले अपना पंजीयन कर उपयोगकर्ता आईडी तैयार करनी होगी। इसी आईडी के माध्यम से चालान जनरेट किया जा सकेगा। इसके साथ ही पोर्टल के जरिए किए गए लेन-देन का विवरण और विभिन्न प्रकार की रिपोर्ट भी आसानी से प्राप्त की जा सकेगी।
अधिकारियों ने बताया कि ओटीसी के माध्यम से जनरेट किए गए चालान की वैधता सात दिनों तक रहती है। इस अवधि के भीतर संबंधित जमाकर्ता को बैंक जाकर नकद अथवा चेक के माध्यम से राशि जमा करनी होगी। निर्धारित समय सीमा में राशि जमा नहीं होने की स्थिति में चालान स्वतः अमान्य हो जाएगा और फिर से नया चालान जनरेट करना पड़ेगा।
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