नयी दिल्ली , फरवरी 03 -- अमेरिकी निवेश बैंक गोल्डमैन सैक्स ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की घोषणा के मद्देनजर भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में वास्तविक वार्षिक वृद्धि के अपने 2026 के अनुमान को 0.20 प्रतिशत बढ़ाकर 6.9 प्रतिशत कर दिया है।

गोल्डमैन सैक्स के अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि अमेरिका में भारतीय सामानों पर शुल्क कम होने से भारत की वास्तविक जीडीपी की वृद्धि दर की संभावनाएं बेहतर हुई हैं। भारत के जीडीपी के लगभग चार प्रतिशत के बराबर का वस्तु निर्यात अमेरिकी उपभोग मांग पर निर्भर करता है। भारत के निर्यात के लिए अमेरिका सबसे बड़ा बाजार है ।

गत अप्रैल में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत समेत तमाम देशों पर जवाबी शुल्क लगाने की घोषणा की थी और देशों को इससे बचने के लिए व्यापार समझौते करने का प्रस्ताव किया था। समझौता न हो पाने पर उन्होंने गत अगस्त में भारत पर 25 प्रतिशत का जवाबी शुल्क और उसके बाद रूस से खनिज तेल खरीदने के दंड के तौर पर 25 प्रतिशत का शुल्क और लगा दिया था।

श्री ट्रम्प ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर एक बातचीत के बाद भारत पर शुल्क को तत्काल प्रभाव से 18 प्रतिशत करने की घोषणा की।

गोल्डमैन सैक्स की मंगलवार काे जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले एक दशक में अमेरिका के साथ सामानों के व्यापार में भारत का व्यापार अधिशेष (आयात - निर्यात का अंतर) दोगुना हो गया है। वर्ष 2015 में भारत का व्यापार अधिशेष लगभग 20 अरब अमेरिकी डॉलर था जो 2025 में अब तक लगभग 40 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया है। अमेरिका में भारत से इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मास्यूटिकल्स और कपड़े का निर्यात तेजी से बढ़ा है जबकि भारत ने अमेरिका से कच्चे तेल का आयात बढ़ाया है।

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