वॉशिंगटन , अप्रैल 30 -- अमेरिका की प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) ने विदेशी खुफिया निगरानी अधिनियम (फिसा) की धारा 702 को तीन वर्ष के लिए बढ़ाने वाले विधेयक को 235-191 मतों से पारित कर दिया है।

"फॉरेन इंटेलिजेंस अकाउंटेबिलिटी एक्ट" नामक यह विधेयक अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को विदेशी खतरों, आतंकवाद, साइबर हमलों और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में निगरानी की महत्वपूर्ण कानूनी शक्ति देता है। इस मतदान ने राष्ट्रीय सुरक्षा और नागरिक स्वतंत्रताओं के बीच संतुलन को लेकर गहरे राजनीतिक मतभेद भी उजागर किये।

धारा 702 लंबे समय से अमेरिकी सुरक्षा ढांचे का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है, लेकिन इसके आलोचकों का कहना है कि पर्याप्त न्यायिक निगरानी और वारंट सुरक्षा के बिना यह सरकार को अत्यधिक निगरानी शक्तियां दे सकती है।

विधेयक का विरोध करने वालों में सांसद सारा एलफ्रेथ भी शामिल रहीं, जिन्होंने कहा कि यह विस्तार पर्याप्त संवैधानिक सुरक्षा उपायों के बिना आगे बढ़ाया गया।

सुश्री एलफ्रेथ ने आरोप लगाया कि विधेयक पर पर्याप्त द्विदलीय चर्चा नहीं हुई और इसमें अमेरिकियों के अधिकारों की रक्षा के लिए ठोस वारंट प्रावधान तथा स्वतंत्र न्यायिक निगरानी का अभाव है।

उन्होंने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि इस उपाय में वारंट की सार्थक आवश्यकताओं और न्यायिक निगरानी का अभाव है, और इसके बजाय यह प्रशासन द्वारा की जाने वाली आंतरिक निगरानी पर निर्भर है। उन्होंने कहा कि केवल प्रशासनिक आंतरिक निगरानी पर निर्भर रहना संभावित दुरुपयोग के जोखिम बढ़ा सकता है। "सुश्री एलफ्रेथ ने कहा, " न्याय विभाग और एफबीआई के उन निगरानी अधिकारियों को हटाने के बाद, जिन्होंने अमेरिकियों को 'धारा 702' के दुरुपयोग से बचाया था, इस प्रशासन ने अमेरिकी लोगों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करने में बहुत कम दिलचस्पी दिखाई है। इस कानून में वारंट की कोई वास्तविक आवश्यकता नहीं है और न ही कोई न्यायिक निगरानी है। "उन्होंने कहा, " पारित किया गया यह बिल इस प्रशासन से ही यह अपेक्षा करता है कि वह अपने स्वयं के दुरुपयोगों की रिपोर्ट करे और उन पर स्वयं ही निगरानी रखे। कांग्रेस को अत्यधिक निगरानी से उत्पन्न होने वाले उभरते जोखिमों से निपटने के लिए नये और सार्थक सुरक्षा उपाय स्थापित करने चाहिए।"सुश्री एलफ्रेथ ने यह भी माना कि धारा 702 आतंकवाद और साइबर हमलों को रोकने में महत्वपूर्ण उपकरण है, लेकिन उनके अनुसार मौजूदा विधेयक सुरक्षा और निजता के बीच आवश्यक संतुलन स्थापित करने में विफल रहा।

उन्होंने कांग्रेस से 'अत्यधिक निगरानी' के जोखिमों के खिलाफ अधिक मजबूत सुरक्षा उपाय स्थापित करने की मांग की।

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