वॉशिंगटन/इस्लामाबाद , अप्रैल 10 -- पश्चिम एशिया में दो सप्ताह के नाजुक संघर्ष विराम के बीच अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वांस ईरानी अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बातचीत के लिए इस्लामाबाद रवाना हो गये हैं।

शनिवार को होने वाली यह चर्चा ऐसे समय में हो रही है, जब ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाले शिपिंग पर नयी शर्तें थोपने का साहसी कदम उठाया है। इसमें ईरानी रियाल में भुगतान किया जाने वाला 'ट्रांजिट शुल्क' भी शामिल है। ईरान का यह कदम दुनिया के सबसे रणनीतिक समुद्री जलमार्गों में से एक पर अपना नियंत्रण मजबूत करने के इरादे का संकेत देता है।

मुंबई में ईरान के महावाणिज्य दूतावास के 'एक्स' पर किए पोस्ट के अनुसार, ईरान की संसद के राष्ट्रीय सुरक्षा आयोग के प्रमुख ने संकेत दिया है कि संसदीय प्रस्ताव के तहत जलडमरूमध्य से गुजरने वाले सभी ट्रांजिट शुल्कों का निपटान ईरान की राष्ट्रीय मुद्रा में किया जायेगा। हॉर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा और सतत विकास के लिए रणनीतिक कार्ययोजना के तहत, सरकार आवश्यकता पड़ने पर ओमान के साथ समझौते पर हस्ताक्षर कर सकती है, हालांकि यह माध्यमिक प्रावधान है, योजना का मुख्य हिस्सा नहीं।

रवाना होने से पहले श्री जेडी वांस ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए कहा कि यदि ईरानी पक्ष नेक नीयती से काम करता है तो अमेरिका दोस्ती का हाथ बढ़ाने को तैयार है। उन्होंने हालांकि चेतावनी भी दी कि अगर किसी भी तरह की चालबाजी की कोशिश की गयी तो उन्हें सख्त और अडिग बातचीत करने वाली टीम का सामना करना पड़ेगा।

उन्होंने पत्रकारों से कहा, "हम इस वार्ता को लेकर उत्सुक हैं। अगर ईरानी पक्ष नेक नीयत दिखाता है तो अमेरिका खुले दिल से आगे बढ़ने को तैयार है। लेकिन अगर उन्होंने हमें गुमराह करने की कोशिश की, तो वे हमारी बातचीत करने वाली टीम को बिल्कुल भी लचीला नहीं पायेंगे।"उन्हाेंने कहा कि उनके पास इस चर्चा के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देशों का एक सेट है। इस्लामाबाद में उनके साथ विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जारेड कुशनर भी शामिल होंगे।

रिपोर्टों के अनुसार ईरान के प्रतिनिधिमंडल में संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची शामिल हो सकते हैं, हालांकि अभी तक इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

गौरतलब है कि यह बातचीत ईरान के दिवंगत शीर्ष नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई के 40 दिनों के शोक के बाद हो रही है, जो युद्ध के पहले दिन ही मारे गये थे। शोक के 40वें दिन नये सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह मुजतबा खामेनेई ने अपने खाड़ी अरब पड़ोसी देशों को कड़ा संदेश दिया है कि क्षेत्र में अमेरिकी दबदबे का युग अब समाप्त हो चुका है।

वार्ता के एजेंडे में मुख्य मुद्दे इस नाजुक संघर्ष विराम को मजबूत करना, लेबनान की स्थिति पर चर्चा करना (जहां अब भी इजरायली हमले जारी हैं) और हॉर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना शामिल हैं।

ईरान ने 10-सूत्रीय योजना पेश की है, जिसमें अपने क्षेत्रीय प्रभाव और परमाणु संवर्धन अधिकारों को मान्यता देने की मांग की गयी है।

रिपोर्टों के मुताबिक अमेरिका ने 15-सूत्रीय जवाबी प्रस्ताव तैयार किया है, जिसका उद्देश्य परमाणु हथियार विकास को रोकना और हॉर्मुज जलडमरूमध्य से मुक्त आवाजाही सुनिश्चित करना है। इस बातचीत का नतीजा पश्चिम एशिया की स्थिरता और वैश्विक ऊर्जा बाजारों का भविष्य तय कर सकता है।

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