तेहरान , मार्च 30 -- ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा है कि ईरान ने अब तक अमेरिका के साथ कोई "प्रत्यक्ष" वार्ता नहीं की है, हालांकि मध्यस्थों के माध्यम से बातचीत की अमेरिकी इच्छा से जुड़े संदेश उसे प्राप्त हुए हैं।
श्री बघाई ने सोमवार को साप्ताहिक प्रेस वार्ता में कहा, "जब अमेरिका वार्ता और कूटनीति की बात करता है तो संवेदनशीलता बढ़ना स्वाभाविक है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि स्वयं अमेरिका के भीतर भी इन दावों को कितनी गंभीरता से लिया जाता है।" उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर भी अमेरिका के कूटनीतिक दावों पर भरोसा सीमित है।
श्री बघाई ने कहा कि ईरान का रुख स्पष्ट और स्थिर रहा है, जबकि "दूसरी तरफ" दूसरा पक्ष बार-बार अपना रुख बदलता रहा है और विरोधाभासी बयान देता रहा है। उन्होंने कहा कि ईरान तक जो प्रस्ताव पहुंचे हैं, चाहे उन्हें 15 सूत्रीय योजना कहा जाए या किसी अन्य नाम से पुकारा जाये, उनमें "अत्यधिक, अव्यावहारिक और तर्कहीन" मांगें शामिल हैं।
श्री बघाई ने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान ने शनिवार को इस्लामाबाद में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की मेजबानी में हुई चार पक्षीय बैठक में भाग नहीं लिया, जिसमें सऊदी अरब, तुर्किये और मिस्र के विदेश मंत्री शामिल हुए थे। उन्होंने क्षेत्रीय और पड़ोसी देशों की शांति और सुरक्षा को लेकर चिंता की सराहना करते हुए कहा कि युद्ध पर चर्चा करते समय यह देखना आवश्यक है कि संघर्ष की शुरुआत किस पक्ष ने की।
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