बेंगलुरु , फरवरी 11 -- अमेरिका-भारत अंतरिक्ष व्यापार मंच (यूएस-इंडिया स्पेस बिजनेस फोरम) का दो दिवसीय आयोजन बुधवार को बेंगलुरु में संपन्न हुआ। यह मंच अमेरिका के वाणिज्य मंत्रालय द्वारा आयोजित भारत का पहला अंतरिक्ष-केंद्रित व्यापार मिशन है, जिसे चेन्नई स्थित अमेरिकी महावाणिज्य दूतावास ने यूएस-इंडिया रणनीतिक साझेदारी मंच (यूएसआईएसपीएफ) के सहयोग से आयोजित किया।
यह मंच वाणिज्यिक अंतरिक्ष पर केन्द्रित पहले अमेरिकी व्यापार मिशन का प्रमुख कार्यक्रम था, जिसमें अमेरिका की 14 अग्रणी अंतरिक्ष कंपनियों के 23 शीर्ष अधिकारी भारत पहुंचे। इस मिशन का आयोजन अमेरिकी वाणिज्य विभाग और अंतरराष्ट्रीय समझौते के लिए व्यापार परिषद (बीसीआईयू) ने संयुक्त रूप से किया, जिसे द्विपक्षीय वाणिज्यिक अंतरिक्ष सहयोग में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
अमेरिका के महावाणिज्य दूतावास द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, इन कार्यक्रमों के माध्यम से दोनों देशों के 200 से अधिक सरकारी और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने कहा, "यह फोरम अमेरिका-भारत साझेदारी की रणनीतिक मजबूती और अंतरिक्ष क्षेत्र में नवाचार तथा वाणिज्यिक विकास के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह समृद्धि और साझेदारी के और अधिक विस्तार की अपार संभावनाओं वाला क्षेत्र है। अमेरिकी कंपनियां अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में विश्व का नेतृत्व कर रही हैं और इन सहयोगों को आगे बढ़ाने में भारत एक महत्वपूर्ण भागीदार है।"दो दिवसीय फोरम में अमेरिका-भारत वाणिज्यिक अंतरिक्ष उप-कार्यसमूह की प्रमुख प्राथमिकताओं जैसे बाजार तक पहुंच, सरकारी खरीद, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) सुधार और निर्यात नियंत्रण पर चर्चा की गयी। इससे नीति-स्तरीय समन्वय को बढ़ावा मिला और कारोबार-से-कारोबार (बी2बी) संपर्क मजबूत हुआ।
व्यापार मिशन में भाग लेने वाली प्रमुख अमेरिकी अंतरिक्ष कंपनियों में अमेज़न, एक्सिओम स्पेस, एपेक्स, ब्लैकस्काई, एल्वे, काह्यान स्पेस, पार्क एयरोस्पेस, प्लैनेट लैब, रिसिक्योरिटी, स्पेसएक्स, वास्ट स्पेस, अम्ब्रा स्पेस, वायसैट और वैन्टर शामिल हैं। अंतरिक्ष व्यापार फोरम के बाद प्रतिनिधिमंडल नयी दिल्ली जाएगा, जहां कंपनियां भारतीय सरकार और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ साझेदारी, संयुक्त उद्यम और बाजार में प्रवेश की संभावनाओं पर चर्चा करेंगी।
अमेरिकी वाणिज्य विभाग द्वारा आयोजित यह केवल दूसरा अंतरिक्ष-केंद्रित व्यापार मिशन है और भारत के लिए अपनी तरह का पहला। इस पहल ने वाणिज्यिक अंतरिक्ष नवाचार में अमेरिका के नेतृत्व को रेखांकित किया है और वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में अमेरिका-भारत साझेदारी की बढ़ती गति को दर्शाया है।
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