वॉशिंगटन , मई 2 -- अमेरिका ने ईरान के पेट्रोलियम निर्यात नेटवर्क के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। अमेरिका ने उन कंपनियों, व्यक्तियों और जहाजों को लक्षित करते हुए नये प्रतिबंधों की घोषणा की है, जिन पर देश के अवैध तेल व्यापार को सुगम बनाने का आरोप लगाया गया है। अमेरिका का कहना है कि इस व्यापार से प्राप्त धन का उपयोग क्षेत्रीय गतिविधियों को अस्थिर करने और आतंकवाद के लिए किया जा रहा है।

अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि इन ताजा उपायों का मुख्य उद्देश्य प्रतिबंधित ईरानी कच्चे तेल की आवाजाही के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले जटिल बचने की प्रणालियों को बाधित करना है। इसमें एक जहाज से दूसरे जहाज में तेल का स्थानांतरण और तथाकथित 'डार्क फ्लीट' ऑपरेशन शामिल हैं, जो कार्गो के स्रोत और गंतव्य को छिपाते हैं।

अमेरिकी सरकार ने कहा कि ये उपाय ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं। इसके तहत ईरान की ऊर्जा निर्यात जीवनरेखा और उसे समर्थन देने वाले अंतरराष्ट्रीय नेटवर्कों को निशाना बनाया जा रहा है।

विदेश विभाग ने कहा, "जब तक ईरान अपनी अस्थिर करने वाली गतिविधियों के वित्तपोषण के लिए तेल राजस्व उत्पन्न करने का प्रयास करेगा, तब तक अमेरिका ईरान और उसके प्रतिबंधों से बचने वाले भागीदारों, दोनों को जवाबदेह ठहराना जारी रखेगा।"अधिकारियों ने यह भी दोहराया कि प्रतिबंधों का उद्देश्य स्थायी सजा देना नहीं, बल्कि व्यवहार में बदलाव लाना है। उन्होंने संकेत दिया कि यदि नामित संस्थाएं अमेरिकी नीति की आवश्यकताओं का पालन करती हैं, तो अंततः उन्हें प्रतिबंधों की सूची से हटाया जा सकता है।

यह ताजा कार्रवाई फरवरी 2025 में 'नेशनल सिक्योरिटी प्रेसिडेंशियल मेमोरेंडम-2' जारी होने के बाद से ईरानी तेल की बिक्री से संबंधित प्रतिबंधों के 12वें दौर को चिह्नित करती है। यह कदम 'कार्यकारी आदेश 13846' के अधिकार के तहत उठाया गया है, जो ईरान के ऊर्जा क्षेत्र पर प्रतिबंधों को बहाल और विस्तारित करता है। इस कार्रवाई में चीन स्थित पेट्रोलियम टर्मिनल ऑपरेटर, 'किंगदाओ हईये ऑयल टर्मिनल कंपनी लिमिटेड' को लक्षित किया गया है, जिसने नेशनल सिक्योरिटी प्रेसिडेंशियल मेमोरेंडम-2 की घोषणा के बाद से करोड़ों बैरल प्रतिबंधित ईरानी कच्चे तेल का आयात किया है।

इन नये प्रतिबंधों के केंद्र में चीन स्थित कच्चे तेल की टर्मिनल ऑपरेटर 'किंगदाओ हईये ऑयल टर्मिनल कंपनी लिमिटेड' है। इस कंपनी पर वर्ष 2025 के दौरान ईरान से निकले करोड़ों बैरल तेल प्राप्त करने का आरोप है।

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इस कंपनी ने सिंगापुर के पास समुद्री मार्गों के जरिये आयात की सुविधा प्रदान की। इसमें गुप्त रूप से एक जहाज से दूसरे जहाज में तेल का स्थानांतरण किया गया। इस क्षेत्र को अवैध तेल विनिमय के 'हॉटस्पॉट' के रूप में जाना जाता है। कंपनी के अध्यक्ष और चीनी नागरिक शिन चुन ली को भी इस प्रतिबंध व्यवस्था के तहत नामित किया गया है।

अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के बावजूद, ऐसे मध्यस्थ ईरान को पेट्रोलियम निर्यात को राजस्व में बदलने में सक्षम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रतिबंधों के इस पैकेज में उन जहाज प्रबंधन फर्मों को भी लक्षित किया गया है, जो कथित तौर पर धोखाधड़ी वाली समुद्री प्रथाओं के माध्यम से ईरानी पेट्रोलियम उत्पादों के परिवहन में शामिल हैं।

नामित फर्मों में से एक, ब्रिटेन स्थित 'थ्राइविंग टाइम्स इंटरनेशनल कंपनी लिमिटेड' पर ईरानी तेल की खेप ले जाने वाले जहाजों के प्रबंधन का आरोप है। इनमें 'न्यू फ्यूजन' नामक टैंकर शामिल है, जिसने कथित तौर पर 2024 और 2025 में विभिन्न गुप्त व्यवस्थाओं के तहत ईरानी मूल के पेट्रोलियम उत्पादों की ढुलाई की थी।

एक अन्य नामित कंपनी, हांगकांग स्थित 'ऑनबोर्ड शिप मैनेजमेंट लिमिटेड' की पहचान एलपीजी टैंकर 'ओरिया' के तकनीकी प्रबंधक के रूप में की गयी है, जिसने 2025 के अंत में ईरान के असालुयेह बंदरगाह से कार्गो लोड किया था। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि ये संस्थाएं व्यापक 'डार्क फ्लीट' नेटवर्क का हिस्सा हैं, जो पकड़े जाने से बचने के लिए गलत ट्रैकिंग डेटा और एक जहाज से दूसरे जहाज में माल स्थानांतरित करने जैसी चालाकीपूर्ण शिपिंग युक्तियों का उपयोग करती हैं।

इन प्रतिबंधों के तहत अमेरिकी अधिकार क्षेत्र में आने वाली नामित संस्थाओं की सभी संपत्तियों और हितों को फ्रीज कर दिया गया है। जब तक विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (ओएफएसी) द्वारा अनुमति न दी जाये। अमेरिकी व्यक्तियों के लिए प्रतिबंधित पक्षों के साथ किसी भी लेनदेन में शामिल होना प्रतिबंधित है। अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि जिन संस्थाओं में प्रतिबंधित व्यक्तियों की 50 प्रतिशत या उससे अधिक हिस्सेदारी है, उन्हें भी स्वतः ही ब्लॉक कर दिया जायेगा। यह कार्रवाई दुनिया भर में वित्तीय और लॉजिस्टिक सहायता प्रदान करने वालों तक विस्तारित की जायेगी।

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