, Feb. 3 -- तेहरान, 03 फरवरी (वार्ता/ शिन्हुआ) ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने अमेरिका के साथ 'न्यायसंगत और समान' बातचीत आगे बढ़ाने के लिए देश के विदेश मंत्रालय को निर्देश दिये हैं।
यह बयान ऐसे समय आया है, जब ईरान के पास अमेरिका के युद्ध पोतों की तैनाती को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव बना हुआ है। राष्ट्रपति पेज़ेशकियानने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि उन्होंने विदेश मंत्री सैयद अब्बास इराक़ची को यह निर्देश दिया है कि यदि धमकियों और अव्यावहारिक अपेक्षाओं से मुक्त 'अनुकूल माहौल' उपलब्ध हो तो गरिमा, विवेक और राष्ट्रीय हितों के सिद्धांतों के तहत निष्पक्ष और संतुलित वार्ता की जाये।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह फैसला क्षेत्र के 'मित्र देशों' के आग्रह को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, जिन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वार्ता प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया देने की सलाह दी थी। पेज़ेशकियान ने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी तरह की बातचीत ईरान के राष्ट्रीय हितों की रूपरेखा के भीतर ही होगी।
इस बीच, अमेरिकी मीडिया आउटलेट एक्सियोस ने एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया कि अमेरिका के राष्ट्रपति के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ईरानी विदेश मंत्री इराक़ची के बीच शुक्रवार को इस्तांबुल में बैठक हो सकती है। इस बैठक में संभावित परमाणु समझौते और अन्य मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
उधर, ट्रंप प्रशासन ने ईरान पर दबाव बढ़ाने के तहत मध्य पूर्व में एक एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप और कई युद्धपोत तैनात किये हैं। राष्ट्रपति ट्रंप लगातार चेतावनी भरे बयान देकर ईरान को परमाणु समझौते के लिए राजी करने की कोशिश कर रहे हैं। ईरानी अधिकारियों ने दो टूक कहा है कि देश के खिलाफ किसी भी सैन्य कार्रवाई का 'निर्णायक जवाब' दिया जाएगा, हालांकि उन्होंने कूटनीति के लिए दरवाजे खुले होने का संकेत भी दिया है।
सीएनएन को रविवार को दिये एक साक्षात्कार में विदेश मंत्री इराक़ची ने कहा था कि अमेरिका के साथ "न्यायपूर्ण, संतुलित और समान" परमाणु समझौता अब भी संभव है, बशर्ते अमेरिकी सरकार दबाव और जबरदस्ती की नीति को त्याग दे।
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