नयी दिल्ली , फरवरी 03 -- केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि अमेरिका के साथ व्यापार समझौते में कृषि और डेयरी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों की हितों की रक्षा की गयी है और समझौते पर जल्द ही दोनों पक्ष साझा बयान जारी करेंगे।

श्री गोयल ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि दोनों देशों के अधिकारी समझौते के तकनीकी विवरण तय कर रहे हैं और जल्दी ही इस पर एक साझा बयान जारी किया जायेगा। उन्होंने कहा कि इस समझौते से देश के हर क्षेत्र को अमेरिकी बाजार में अवसर मिलेगा।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इसमें कृषि और डेयरी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों के हितों का संरक्षण किया गया है।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बीच सोमवार देर रात टेलीफोन वार्ता के बाद दोनों देशों में व्यापार वार्ता पर सहमति बनी। श्री ट्रम्प ने इसकी जानकारी देते हुए बताया था कि भारत रूस से कच्चे तेल की खरीद बंद करने पर सहमत हो गया है, और बदले में अमेरिका तत्काल प्रभाव से भारतीय उत्पादों पर जवाबी आयात शुल्क 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा। बदले में भारत "अमेरिकी उत्पादों पर आयात शुल्क और आयात बाधाओं को घटाकर शून्य" कर देगा। उन्होंने बताया था कि भारत ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, कृषि, कोयला और अन्य क्षेत्रों में 500 अरब डॉलर के अमेरिकी उत्पाद खरीदने के अलावा अमेरिका से आयात बढ़ायेगा।

श्री गोयल ने स्पष्ट किया कि 500 अरब डॉलर के अमेरिकी उत्पादों की खरीद पांच साल में होगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस तथा दूसरे विपक्षी दलों के संसद में इस मुद्दे पर हंगामे के कारण स्थिति स्पष्ट करने के लिए इस संवाददाता सम्मेलन की जरूरत पड़ी तथा समझौते के बारे में विस्तृत विवरण बाद में दिये जायेंगे।

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