नयी दिल्ली , फरवरी 04 -- राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को किसान विरोधी बताते हुए इसे भारतीय किसानों के लिए बड़ी तबाही बताया है और कहा है कि जब किसान इसके खिलाफ सड़क पर खड़ा होगा तो सरकार को तीन काले कृषि कानूनों की तरह यह समझौता भी वापस लेना पड़ेगा।

श्री खरगे ने बुधवार को राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा में हिस्सा लेते हुए कहा कि सरकार एक बार फिर काले कृषि कानूनों की तरह की गलती दोहरा रही है और इस समझौते का भारतीय किसानों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

नेता सदन जगत प्रकाश नड्डा ने इसका प्रतिवाद करते हुए कहा कि वह इस मामले में स्थिति स्पष्ट करना चाहते हैं कि वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने संसद के दोनों सदनों में लिखित वक्तव्य में कहा है कि भारत ने इस समझौते में देश के कृषि और डेयरी क्षेत्र के हितों को संरक्षित रखने में सफलता हासिल की है।

नेता विपक्ष ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौते का उल्लेख करते हुए कहा कि संसद का सत्र चल रहा है और सांसदों को इसकी जानकारी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिली यह संसदीय परंपरा के अनुरूप नहीं है और संसद का अपमान है। उन्होंने कहा कि समझौते के बाद अमेरिकी कृषि मंत्री ने कहा कि भारत का कृषि बाजार अमेरिका के लिए खुल गया है और इससे अमेरिका के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले किसानों को फायदा होगा। नेता विपक्ष ने कहा कि भारत का कृषि बाजार अमेरिका के लिए खोलना किसानों की बर्बादी है और इससे भारत का किसान तबाह होगा। उन्होंने कहा कि यह समझौता किसान विरोधी है और सरकार की विफलता का नतीजा है।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि भारत का किसान अमेरिका के किसानों का मुकाबला नहीं कर पायेगा जिन्हें भारी भरकम सब्सिडी मिलती है। उन्होंने सरकार को आगाह किया कि वह एक बार फिर उसी तरह की गलती कर रही है जब उसे तीन काले कृषि कानून वापस लेने पड़े थे। उन्होंने कहा कि इस समझौते के खिलाफ किसान आंदोलन उठेगा और आपको यह सब वापस लेना होगा। उन्होंने कहा कि इस समझौते में अमेरिका को अपने उत्पाद जीरो टैरिफ पर भारत में कहीं भी बेचने की अनुमति मिल जायेगी।

उन्होंने कहा कि अमेरिका बार बार विश्व मंच पर भारत का अपमान करता है और प्रधानमंत्री राष्ट्रपति ट्रंप को अपना मित्र बताते हैं। उन्होंने कहा कि राट्रपति ट्रंप दावा करते हैं कि उन्होंने व्यापार की धमकी देकर भारत और पाकिस्तान का युद्ध रूकवाया और अब वह यह बता रहे हैं कि भारत को कहां से तेल खरीदना है और कहां से नहीं। यह एक संप्रभु देश का अपमान है।

श्री खरगे ने कहा कि मोदी सरकार ने किसानों की आय को दोगुना करने का वादा किया था लेकिन देश में ऐसी स्थिति बन गयी है कि किसानों के अस्तित्व पर ही सवाल उठ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों से किया एमएसपी का वादा भी पूरा नहीं किया है।

उन्होंने कहा कि आजादी के बाद पहली बार चीन, बंगलादेश और पाकिस्तान नजदीक आ रहे हैं और इन देशों में हिन्दुओं पर हमले हो रहे हैं और सरकार चुप हैं। उन्होंने चीन के साथ भारत के व्यापार घाटे के 116 लाख करोड रुपये तक पहुंचने का उल्लेख किया और कहा कि कभी चीन को लाल आंख दिखाने की बात कही जाती थी लेकिन अब उसी चीन के लिए 'रेड कार्पेट' बिछाया जा रहा है। कांग्रेस नेता ने कहा कि यह 'स्ट्रैटजिक सरेंडर ' है।

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