अमेठी , फरवरी 26 -- उत्तर प्रदेश में अमेठी जिले के जायस थाना क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय नंबर से व्हाट्सऐप कॉल कर खुद को विदेश में रहने वाला व्यक्ति बताने वाले ठगों ने युवक को झांसे में लेकर करीब आठ से नौ लाख रुपये की ठगी कर ली।
क्लियरेंस और डॉलर को रुपये में बदलने के नाम पर क्यूआर कोड भेजकर अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर कराई गई। पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जायस थाना क्षेत्र के मोहल्ला बड़ा गोरियाना निवासी रिजवान अहमद सुत अमानुल हक़ ने पुलिस को दिए गए शिकायती पत्र में आरोप लगाया कि वह चार माह से साइबर अपराधियों के जाल में फंसा हुआ है। साइबर अपराधियों ने उसे इतनी चालाकी से फंसाया कि उसे तनिक भी अहसास नहीं हो पाया कि उसके साथ फ्राड हो रहा है।
पीड़ित ने एक अंतरराष्ट्रीय नंबर शेयर करते हुए बताया कि उसके मोबाइल पर सबसे पहले साल 2025 में 19 नवम्बर को एक इंटरनेशनल नम्बर से व्हाटअप काल आई। काल करने वाले व्यक्ति ने आपना नाम सुलेमान अयूब बताया। उसने अपना आधार और एक यूके कार्ड भी वाट्सअप के जरिए साझा किया। पीड़ित ने बताया, " उसने मुझे पूर्ण विश्वास में लेने के पश्चात मुझसे मेरे अकाउंट का डिटेल माँगा तो मैंने अपनी भाभी अफसरी बेगम का खाता डिटेल व्हाटसअप से भेज दिया। उस खाते में शून्य बैलेंस था।तत्पश्चात उसने मुझे बैंक ऑफ़ अमेरिका की एक डिपाजिट स्लिप भेजी जिसपर मेरी भाभी का खाता नंबर था। उस खाते में दस हजार की डिपाजिट करने का डिटेल था। उसमें एक मोबइल नम्बर दिया गया था। उसने बताया कि यह मोबाइल नंबर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया मुम्बई ब्रांच का है। कथित तौर बताए गए एस बी आई ब्रांच के नम्बर पर बात करने पर पता चला कि अपने डालर को रूपये में परिवर्तित करवा ले। ताकि ये आप के खाते में जमा हो सके। मगर क्लियरेंस से पहले पांच हजार रूपये भेजने के लिए बोला। जब हमने यूपीआईए के जरिए पैसा ट्रांसफर किया तो सैफ अली नाम लिख कर आ रहा था। उसके पश्चात मुझे एक मोबइल नम्बर और दिया गया। उस नंबर से मुझे क्यू आर कोड प्राप्त हे रहे थे। क्लियरेंस के नाम पर दस दिसम्बर तक अलग अलग डिपार्टमेंट में क्लियरेन्स के नाम पर मुझसे थोड़ा-थोड़ा कर के लगभग आठ से नौ लाख रुपए दिए गए क्यू आर कोड पर पेमेंट करवा लिया गया | ये सभी पेमेंट मैंने आपने पुत्र, और आपने परिवारिक मित्रों से करवाई थी। तभी एक मित्र ने मुझे सचेत किया की आप साइबर ठगी का शिकार हो रहे है। जब तक उसे इस बात का एहसास हुआ तब तक बहुत देर हो चुकी थी।"पूरे मामले प्रभारी निरीक्षक जायस अमरेन्द्र सिंह ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
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