नयी दिल्ली , फरवरी 04 -- रेलवे स्टेशनों विकास/पुनर्विकास/उन्नयन/आधुनिकीकरण का काम निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है और अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देशभर में 1337 स्टेशनों चिह्नित, जिसमें से उत्तर प्रदेश के 157 स्टेशन शामिल हैं।

इस संबंध में कार्यों को पारस्परिक प्राथमिकता और निधियों की उपलब्धता के अध्यधीन आवश्यकतानुसार किया जाता है। स्टेशनों के विकास/पुनर्विकास/उन्नयन/आधुनिकीकरण के लिए कार्यों की स्वीकृति और निष्पादन के समय निचली श्रेणी के स्टेशनों की तुलना में उच्च श्रेणी के स्टेशनों को प्राथमिकता दी जाती है।

इसके लिए स्टेशनों को तीन समूहों में अनुपनगरीय, उपनगरीय और हॉल्ट स्टेशन में विभाजित किया गया है। इन समूहों को यात्रियों की आवाजाही के आधार पर विभिन्न ग्रेडों में रखा गया है, जैसे कि अनुपनगरीय ग्रेड (एनएसजी) 1-6, उपनगरीय ग्रेड (एसजी) 1-3 और हॉल्ट ग्रेड (एचजी) 1-3 ।

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में स्थित कांठ स्टेशन एक अनुपनगरीय ग्रेड (एनएसजी)-6 कोटि का स्टेशन है, जहाँ प्रतिदिन लगभग 1000 यात्री आते-जाते हैं। न्यूनतम अनिवार्य सुविधाओं (एमईए) के नियमों के अनुसार एनएसजी-6 कोटि के स्टेशन पर 15 वर्ग मीटर का प्रतीक्षालय क्षेत्र होना चाहिए। बहरहाल, वर्तमान में इस सुविधा के तहत 167 वर्ग मीटर का प्रतीक्षालय क्षेत्र उपलब्ध है, जो न्यूनतम अनिवार्य सुविधाओं के निर्धारित मानदंडों से अधिक है। इसके अलावा, स्टेशन के परिचलन क्षेत्र में वाहन पार्किंग के लिए स्थान उपलब्ध है। इस स्टेशन पर प्लेटफार्म शेल्टर, पीने के पानी के नल, वॉटर कूलर, बैठने की व्यवस्था, शौचालय, ऊपरी पैदल पुल, ऊँची सतह के प्लेटफार्म जैसी सुविधाएँ उपलब्ध हैं।

इस योजना में आवश्यकतानुसार, चरणबद्ध और व्यवहार्य रूप से पर्यावरण अनुकूल समाधान, गिट्टी रहित पटरियों की व्यवस्था आदि और दीर्घावधि में स्टेशन पर सिटी सेन्टरों के निर्माण की भी परिकल्पना की गई है।

अभी तक, इस योजना के अंतर्गत विकसित करने हेतु 1337 स्टेशनों को चिह्नित किया गया है, जिनमें मुरादाबाद लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र का मुरादाबाद जंक्शन स्टेशन शामिल है।

उत्तर प्रदेश में अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत रेलवे स्टेशनों पर विकास कार्य तेज गति से किए गये हैं। इस योजना के तहत अब तक उत्तर प्रदेश में 23 स्टेशनों (अयोध्या धाम जंक्शन, बलरामपुर, बरेली सिटी, बिजनौर, फतेहाबाद, फतेहपुर, गोला गोकर्णनाथ, गोमतीनगर, गोवर्धन, गोविंदपुरी, हाथरस सिटी, ईदगाह आगरा जंक्शन, इज्जतनगर, खलीलाबाद, मैलानी जंक्शन, पनकी धाम, पोखरायण, रामघाट हॉल्ट, सहारनपुर जंक्शन, सिद्धार्थ नगर, सुरायमनपुर, स्वामीनारायण छप्पिया और उझानी) के कार्य पूरे किए जा चुके हैं। अन्य स्टेशनों पर भी कार्य तेज गति से चल रहे हैं ।

रेलवे स्टेशनों का विकास/पुनर्विकास/उन्नयन/आधुनिकीकरण जटिल प्रकृति के कार्य हैं, जिसमें यात्रियों और गाड़ियों की संरक्षा शामिल है और इसके लिए विभिन्न सांविधिक स्वीकृतियां आवश्यक होती हैं जैसे कि दमकल क्लीयरेंस, धरोहर, पेड़ों की कटाई, विमानपत्तन संबंधी अनुमोदन आदि। इन कार्यों की प्रगति पर ब्राउनफील्ड से संबंधित चुनौतियों का भी प्रभाव पड़ता है, जैसे कि जनोपयोगी सुविधाओं का स्थानांतरण (जिसमें पानी/सीवेज की लाइनें, ऑप्टिकल फाइबर केबल, गैस पाइपलाइन, पावर/सिगनल केबल आदि शामिल हैं), अतिलंघनकारी, यात्रियों के आवागमन में बाधा डाले बिना गाड़ियों का संचालन, रेलपथ और उच्च वोल्टेज बिजली की लाइन के निकट किए जा रहे कार्यों के कारण गति प्रतिबंध आदि और ये कारक परियोजना के समापन समय को प्रभावित करते हैं।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित